तेहरान : अमेरिका ने ईरान पर हमले रोकने की घोषणा की, लेकिन फिर भी इस्लामिक रिपब्लिक पर रहस्यमयी हवाई हमले हुए। गुरुवार को बुशहर, सिस्तान-बलूचिस्तान, अहवाज़ और चाबहार समेत दक्षिणी ईरान के कई इलाकों में धमाके सुने गए। ईरान ने किसी का नाम नहीं लिया, पर एक सांसद ने UAE को चेतावनी दी है।
कहां-कहां हुए हमले?
ईरानी न्यूज एजेंसियों के मुताबिक, अमेरिका के ‘हमला बंद’ कहने के कुछ समय बाद ही कई इलाकों को निशाना बनाया गया। चाबहार बंदरगाह शहर भी टारगेट में था। सेंट्रल कमांड ने टिप्पणी से इनकार कर दिया। ईरान ने सीधे किसी देश को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। सवाल अब भी वही है, अगर अमेरिका नहीं तो फिर हमला किसने किया?
जवाबी कार्रवाई और खाड़ी में हलचल
हमलों के जवाब में ईरान ने बहरीन, जॉर्डन, कुवैत और कतर को निशाना बनाया। चारों देशों में मिसाइल अलर्ट सायरन बजे। इसके तुरंत बाद UAE के शेख मोहम्मद बिन ज़ायद कुवैत पहुंचे। खाड़ी देशों ने कतर के विदेश मंत्री से भी बात की। ईरान का आरोप है कि सऊदी अरब और UAE ने उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमले के बाद जवाबी हवाई कार्रवाई की।
इज़रायल का स्टैंड और खतरनाक बयान
इज़रायल ने जून के बाद ईरान पर कोई हमला नहीं किया है। नेतन्याहू ने गुरुवार रात ट्रंप से बात कर ‘खाड़ी में अमेरिकी कदमों’ की जानकारी ली। रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने कहा कि सेना अलर्ट पर है और जरूरत पड़ी तो ईरान पर ‘ब्लू-व्हाइट’ हमला फिर से होगा, “तीसरी बार भी”। उन्होंने कहा, “अगर लौटे तो और ज्यादा ताकत से लौटेंगे”।
होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव
ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब अमेरिका और अरब देश होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने पर जोर दे रहे हैं। ईरान कह रहा है कि स्ट्रेट पर उसका पूरा नियंत्रण होना चाहिए और जहाजों को शुल्क देना होगा। चाबहार पर हुए अटैक से पूरे इलाके में सनसनी है और जिम्मेदारी की गुत्थी अभी सुलझी नहीं है।
