प्रयागराज : कुंभ कलश की पूजा कर गरजे पीएम मोदी, कहा-महाकुंभ 2025 एकता का महायज्ञ, हर तरह के भेदभाव की दी जाती है आहुति

उत्तर प्रदेश राज्य लखनऊ शहर

प्रयागराज : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को प्रयागराज पहुंचे. पीएम मोदी ने आगामी महाकुंभ की सफलता के लिए कुंभ कलश का पूजन किया. इस दौरान पीएम मोदी ने लेटे हुए हनुमान जी के दर्शन किए और अक्षयवट की भी परिक्रमा की. प्रधानमंत्री करीब 11:30 बजे उनका हेलिकॉप्टर बमरौली एयरपोर्ट पहुंचे फिर क्रूज में सवार होकर संगम तट पर पहुंचे. इस दौरान उनके साथ सीएम योगी भी मौजूद रहे. यहां उन्होंने साधु संतों से मुलाकात कर गंगा तट पर पूजा की और महाकुंभ के लिए कलश स्थापित किया.

पीएम मोदी ने कहा कि किसी बाहरी व्यवस्था के बजाय कुंभ, मनुष्य के अंतर्मन की चेतना का नाम है.ये चेतना स्वतः जागृत होती है. यही चेतना भारत के कोने-कोने से लोगों को संगम के तट तक खींच लाती है. ये महाकुंभ एकता का महायज्ञ है, जिसमें हर तरह के भेदभाव की आहूति दी जाती है. यहां संगम में डुबकी लगाने वाला हर भारतीय एक भारत एक भारत श्रेष्ठ भारत की अद्भुत तस्वीर पेश करता है.

पीएम मोदी ने आगे कहा महाकुंभ हजारों वर्ष पहले से चली आ रही हमारे देश की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक यात्रा का पुण्य और जीवंत प्रतीक है. एक ऐसा आयोजन है जहां हर बार धर्म, ज्ञान, भक्ति और कला का दिव्य समागम होता है. ये केवल तीन पवित्र नदियों का ही संगम नहीं है. प्रयाग के बारे में कहा गया है : ‘माघ मकरगत रबि जब होई। तीरथपतिहिं आव सब कोई.’ अर्थात जब सूर्य मकर में प्रवेश करते हैं, सभी दैवीय शक्तियां, सभी तीर्थ, सभी ऋषि, महाऋषि प्रयाग में आ जाते हैं. ये वो स्थान जिसके प्रभाव के बिना पुराण पूरे नहीं होते. प्रयागराज वो स्थान है, जिसकी प्रशंसा वेद की ऋचाओं में की गई है:

उन्होंने कहा कि हमारा भारत पवित्र स्थलों और तीर्थों का देश है. ये गंगा, यमुना, सरस्वती, कावेरी और नर्मदा जैसी अनगिनत पवित्र नदियों का देश है. इन नदियों के प्रवाह की जो पवित्रता है, इन अनेकानेक तीर्थों का जो महत्व है, जो महात्म्य है, उनका संगम, उनका समुच्चय, उनका योग, उनका संयोग, उनका प्रभाव, उनका प्रताप ये प्रयाग है. प्रयाग वो है, जहां पग-पग पर पवित्र स्थान हैं, जहां पग-पग पर पुण्य क्षेत्र हैं.

जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘प्रयागराज में संगम की इस पावन भूमि को मैं श्रद्धापूर्वक प्रणाम करता हूं. महाकुंभ में पधार रहे सभी साधु-संतों को भी नमन करता हूं. महाकुंभ को सफल बनाने के लिए दिनरात परिश्रम कर रहे कर्मचारियों का, श्रमिकों और सफाईकर्मियों का मैं विशेष रूप से अभिनंदन करता हूं.’

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