जोड़ों में जमे प्यूरीन को बाहर निकालने के लिए पिएं ये जूस

हेल्थ

लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों में यूरिक एसिड की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है. शरीर में यूरिक एसिड बनता है और बाहर निकलता रहता है. लेकिन कई बार कुछ गलत आदतों की वजह से यूरिक एसिड जरूरत से ज्यादा बढ़ने लगता है. जिसे किडनी फिल्टर नहीं कर पाती. ऐसे में ये यूरिक एसिड क्रिस्टल जोड़ों में जमा होने लगता है और दर्द का कारण बनता है. यूरिक एसिड ज्यादा होने पर प्यूरीन युक्त खाद्य पदार्थ और हाई प्रोटीन का सेवन कम करना चाहिए. इसके अलावा कुछ घरेलू उपायों से भी इसे कम किया जा सकता है. यूरिक एसिड को कम करने के लिए घर पर जूस बनाकर पिएं. इस जूस को पीने से दो हफ्ते में ही यूरिक एसिड कम हो जाएगा. जानिए यूरिक एसिड कम करने वाला जूस कैसे तैयार करें?

इस तरह बनाएं ये स्पेशल ड्रिंक

सबसे पहले लौकी को छील लें, सेब को छील लें और खीरे को छील लें और या तो इन्हें मिक्सी में पीस लें या फिर थोड़ा पानी डालकर सूती कपड़े से कसकर निचोड़कर जूस निकाल लें. आप चाहें तो इन्हें कद्दूकस करके और सूती कपड़े से कसकर निचोड़कर भी जूस निकाल सकते हैं. तीसरा तरीका है जूसर से इनका जूस निकालना. ध्यान रहे लौकी और खीरा कड़वा नहीं होना चाहिए. इसके बाद गिलोय के तने को अच्छे से कुचल लें और बीच-बीच में पानी डालते रहें. इसके बाद जो भी 2-4 चम्मच जूस निकले उसे सेब, खीरे और

लौकी के जूस में मिला लें.

इसी तरह तुलसी को भी अच्छे से कुचलकर जूस में मिला लें और एलोवेरा का गूदा या जूस भी मिला लें. अब सभी चीजों को अच्छे से मिला लें और स्वाद के लिए 1 चुटकी सेंधा नमक भी मिला लें. यूरिक एसिड के मरीजों को तैयार जूस को सुबह खाली पेट 10-15 दिन तक लगातार पीना चाहिए. इससे हाई यूरिक एसिड कम होगा और जोड़ों के दर्द से भी राहत मिलेगी.

यह पूरी तरह से क्षारीय पदार्थों से बना जूस है जो यूरिक एसिड को बेअसर करता है यानी शरीर से इसे बाहर निकालता है.यह कैलोरी कटर की तरह काम करता है जो शरीर में फैट को बढ़ने से रोकता है.इस जूस को पीने से लीवर भी डिटॉक्स होता है जिससे पाचन क्रिया बेहतर होती है. इस जूस को नियमित रूप से पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और शरीर के हर अंग की सफाई होती है.

इस जूस को पीते समय इन बातों का ध्यान रखें.

सुबह और शाम व्यायाम या सैर करें.

प्रोटीन कम या सीमित मात्रा में खाएं.

अपने नियमित आहार में अम्लीय खाद्य पदार्थों से बचें.

गर्म खाना खाने के बाद ठंडा पानी न पिएं.

तेल, मिर्च और साबुत मसाले वाली मसालेदार चीजें कम खाएं.

ज्यादा रंगीन सब्जियां और खट्टे फल खाने से बचें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *