04 सितंबर 2024 लखनऊ। आज कलेक्ट्रेट सभागार में ज़िलाधिकारी श्री सूर्य पाल गंगवार द्वारा राजस्व कार्यो की मासिक समीक्षा बैठक आहूत की गई। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा बताया की जो भी प्रकरण जनप्रतिनिधियों द्वारा पत्र के माध्यम से भेजे जाते है उन पर की गई कार्यवाही से उनको अवगत कराया जाए। उक्त के बाद जिलाधिकारी द्वारा राजस्व न्यायलयो के संचालन के संबंध में अवशयक दिशा निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया की न्यायलयो के संचालन के संबंध में पूर्व में भी दिशा निर्देश जारी किए गए थे, जिसमे प्रतिदिन समय से न्यायलयो के संचालन के बारे में कहा गया था। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा उत्तर प्रदेश राजस्व न्यायलय मैनुअल के बारे में विस्तार से समझाया गया। साथ ही निर्देश की सभी न्यायलय के बाहर न्यायालय टाइमिंग का बोर्ड लगवाना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा धारा 34 के संबंध में निर्देश दिए गए की कृषि भूमियों की को रजिस्ट्री हो रही है उसमे म्यूटेशन के दौरान जो प्रावधान आवश्यक है उसको रजिस्ट्री करते समय रजिस्ट्री में अंकित किया जाए, ताकि म्यूटेशन के समय सुविधा रहे। उक्त के बाद जिलाधिकारी द्वारा धारा 116 के वादों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने बताया की धारा 116 के कितने प्रकरण लंबित है उसकी सूची बनाई जाए। उन्होंने बताया की अंश निर्धारण प्रक्रिया के समय कुछ ग्रामों में अंश निर्धारण में समस्या है। इस संबंध में सभी उप जिलाधिकारी शाम तक सूची देगे की किस ग्राम के कितने गाटे पर अंश निर्धारण में त्रुटि है। सभी उप जिलाधिकारी एक माह के अंदर अंश निर्धारण की त्रुटियों को समाप्त करते हुए रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे। उक्त के बाद जिलाधिकारी द्वारा आय, जाति, निवास और हैसियत प्रमाण पत्र की समीक्षा की गई। उन्होंने बताया की आय, जाति, निवास और हैसियत प्रमाण पत्र वरीयता से बनाए जाए। यदि मैनपावर की आवश्यकता है तो मैनपावर की मांग करते हुए उक्त प्रमाण पत्रों को वरीयता से जारी किया जाए। उक्त के बाद बैठक में ज़िलाधिकारी द्वारा IGRS व मुख्यमंत्री संदर्भ के तहत ऑनलाइन प्राप्त होने वाले प्रकरणों की समीक्षा से की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि IGRS प्रकरणों के सभी निस्तारण गुणवत्तापूर्ण हो। IGRS के प्रकरणों के सम्बंध में किसी भी प्रकार की शिथिलता को बर्दाश्त नही किया जाएगा। IGRS के प्रकरणों में यदि कोई भी अनियमितता पाई जाती है तो कार्यवाही निश्चित है। उक्त के साथ ही समाधान दिवस के प्रकरणों का ससमय गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। कोई भी प्रकरण समय सीमा के बाहर नहीं जाना चाहिए। उक्त के साथ ही प्रकरणों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ताओं को कॉल करके उनका फीडबैक भी लिया जाए। उक्त के बाद जिलाधिकारी द्वारा विद्युत देय और आर सी की भी समीक्षा की गई। समीक्षा में निर्देश दिए गए की हर तहसील के सभी बाकीदारो को आज ही नोटिस जारी किया जाए की यदि उनके द्वारा भुगतान नहीं किया गया तो उनके कार्यालयों को सीज करने की कार्यवाही की जाएगी। साथ ही बाकीदारो के बैंक खातों को भी सीज करने के निर्देश दिए गए। उक्त बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन, समस्त उप ज़िलाधिकारी, समस्त अपर नगर मजिस्ट्रेट, समस्त तहसीलदार व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
