नई दिल्ली : केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में महत्वपूर्ण पदों पर लेटरल एंट्री के जरिए आला अधिकारियों की भर्ती पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि इस तरह की भर्ती करके सरकार खुलेआम एससी (SC), एसटी (ST) और ओबीसी (OBC) वर्ग का आरक्षण छीनने की कोशिश कर रही है.
राहुल गांधी ने कहा, सरकार संघ लोक सेवा आयोग की जगह ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ के जरिए लोक सेवकों की भर्ती कर संविधान पर हमला कर रही है. मैंने हमेशा कहा है कि टॉप ब्यूरोक्रेसी समेत देश के सभी शीर्ष पदों पर वंचितों का प्रतिनिधित्व नहीं है, उसे सुधारने के बजाय लेटरल एंट्री द्वारा उन्हें शीर्ष पदों से और दूर किया जा रहा है. कांग्रेस नेता ने कहा, यह यूपीएससी की तैयारी कर रहे प्रतिभाशाली युवाओं के हक पर डाका डालने जैसा है. यह वंचितों के आरक्षण समेत सामाजिक न्याय की परिकल्पना पर चोट है.
सेबी का नाम लेकर हमला
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सेबी का नाम लेते हुए सरकार पर निशाना साधा. कहा, वहां पहली बार निजी क्षेत्र से आने वाले को चेयरपर्सन बनाया गया है.प्रशासनिक ढांचे और सामाजिक न्याय दोनों को चोट पहुंचाने वाले इस देश विरोधी कदम का INDIA मजबूती से विरोध करेगा. सपा और बसपा भी इसके विरोध में आ गए हैं. अखिलेश यादव ने गांधी जयंती से देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है.
लालू यादव का निशाना
लालू प्रसाद यादव ने भी लेटरल भर्ती का विरोध किया. उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, बाबा साहेब के संविधान एवं आरक्षण की धज्जियां उड़ाते हुए सरकार सिविल सेवा कर्मियों की जगह अब संघ लोक सेवा आयोग ने निजी क्षेत्र से संयुक्त सचिव, उप-सचिव और निदेशक स्तर पर नियुक्ति के लिए सीधी भर्ती का विज्ञापन निकाला है. इसमें कोई सरकारी कर्मचारी आवेदन नहीं कर सकता. इसमें संविधान की ओर से मिला हुआ कोई भी आरक्षण नहीं है. लालू यादव ने इसे “नागपुरिया मॉडल” करार दिया.
