U4iyo8r3f2

इजरायल को दोस्त अमेरिका ने दिया ‘समंदर का सिकंदर’, ईरान के लिए अब बदला लेना आसान नहीं

विदेश

नई दिल्ली : इजरायल और ईरान के बीच कभी भी युद्ध छिड़ सकती है. हमास चीफ इस्माइल हानिया की हत्या के बाद इजरायल पर हमला करने को ईरान बेताब है. इजरायल पर चौतरफा हमले का खतरा मंडरा रहा है. एक ओर ईरान तो दूसरी ओर हिजबुल्लाह. दोनों मिलकर इजरायल पर हमला कर सकते हैं. यही वजह है कि अब अपने दोस्त इजरायल की रक्षा करने के लिए अमेरिका ने अपनी बड़ी चाल चल दी है. इजरायल और ईरान में बढ़ते तवान के बीच अमेरिका ने अपनी मिसाइल सबमरीन को मिडिल ईस्ट में तैनात करने का फैसला किया है. माना जा रहा है कि मिडिल ईस्ट में इजरायल के दुश्मनों के लिए यह एक तरह से संदेश है कि इजरायल अकेला नहीं है. उसके साथ दुनिया का सुपरपावर अमेरिका खड़ा है.

दरअसल, रविवार को पेंटागन ने एक बड़े ऐलान की घोषणा की. अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने एक निर्देश जारी किया है कि एक गाइडेड मिसाइल पनडुब्बी को मिडिल ईस्ट में तैनात किया जाए. अमेरिकी सेना के सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक, न्यूक्लियर्ड पावर्ड सबमरीन यानी परमाणु ऊर्जा से संचालित पनडुब्बी यूएसएस जॉर्जिया पहले से ही जुलाई में भूमध्यसागर में तैनात थी. ऐसे में पनडुब्बी की तैनाती की सार्वजनिक घोषणा करना अपने आप में एक बड़ी बात है और ऐसा बहुत कम होता है. बता दें कि हाल ही में हमास चीफ इस्माइल हानिया और हिजबुल्लाह के फुआद शुक्र की हत्या के बाद इस इलाके में जबरदस्त तनाव है. माना जा रहा है कि इसी के मद्देनजर अमेरिका ने ये कदम उठाया है.

दोस्त का साथ देगा अमेरिका
खबर के मुताबिक, इजरायली रक्षामंत्री के साथ बातचीत के बाद ऑस्टिन ने यह कदम उठाया है. ऑस्टिन ने अमेरिका के अब्राहम लिंकन स्ट्राइक ग्रुप को इस इलाके में जल्दी से जल्दी पहुंचने का आदेश दिया है. पेंटागन के बयान के मुताबिक, ‘सेक्रेटरी ऑस्टिन ने इजरायल की रक्षा के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता दोहराई है. साथ ही क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के कारण पूरे मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य बल की तैनाती और क्षमताओं को बढ़ाने पर जोर दिया.’

अमेरिका और भी कुछ करने जा रहा
अमेरिका ने केवल मिडिल ईस्ट में सबमरीन की ही तैनाती के आदेश नहीं दिए हैं. बल्कि अमेरिका अपने फाइटर जेट्स और नेवी वॉरशिप को भी मिडिल ईस्ट में तैनात करने का प्लान बना रहा है. इन सबका मकसद इजरायली सुरक्षा को और मजबूती प्रदान करना है. अमेरिका का यह कदम इसलिए भी अहम है, क्योंकि ईरान और हिजबुल्लाह समेत कई देश इजरायल पर हमले की योजना बना रहे हैं. इजरायल के खिलाफ ईरान का गुस्सा सातवें आसमान पर है. इसकी वजह है कि तेहरान में हमास चीफ इस्माइल हानिया की हत्या कर दी गई. ईरान ने इसके लिए इजरायल को जिम्मेवार ठहराया है, जबकि इजरायल ने अब तक कबूल नहीं किया है.

बड़े युद्ध की तरफ मिडिल ईस्ट
31 जुलाई को तेहरान में ईरान समर्थित हमास चीफ इस्माइल हानिया की हत्या के बाद से इलाके में तनाव बढ़ गया है. इस हमले के बाद ईरान ने इजराइल को अंजाम भुगतने की धमकी दी है. इजराइल का गाजा में हमास के साथ संघर्ष चल रहा है. हालात तब और बिगड़ गए जब बेरूत में इजरायली हमले में हिजबुल्ला के एक वरिष्ठ सैन्य कमांडर फुआद शुक्र की मौत हो गई. इससे डर है कि गाजा संघर्ष एक बड़े मध्य पूर्व युद्ध में बदल सकता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *