संयुक्त राष्ट्र (UN): यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित करते हुए रूस-यूक्रेन युद्ध और रूस को हो रहे नुकसान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूक्रेन का उद्देश्य रूस के तेल, कारखानों या बंदरगाहों को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि उस आर्थिक व सैन्य क्षमता को खत्म करना है जिससे रूस इस युद्ध को वित्तीय मदद देता है और इसे विनाशकारी बनाता है।
संबोधन और बयान के मुख्य बिंदु:
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रूस के तेल उद्योग पर प्रभाव: जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा किए गए अपने संबोधन में कहा कि इतिहास में पहली बार रूस का गर्व माना जाने वाला तेल उद्योग संकट के दौर से गुजर रहा है। हालांकि, यूक्रेन का मकसद पेट्रोल, डीजल या तेल रिफाइनरियों पर हमला करना नहीं है, बल्कि रूस की युद्ध लड़ने की वित्तीय क्षमता को पंगु बनाना है।
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रूसी सेना को भारी नुकसान का दावा: यूक्रेनी राष्ट्रपति ने बताया कि इस साल केवल जनवरी से अगस्त (8 महीनों) के भीतर रूसी सेना ने युद्ध के मैदान में 2,48,964 सैनिक (मारे गए और गंभीर रूप से घायल) गंवाए हैं। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि दुनिया में 21 ऐसे देश हैं जिनकी कुल आबादी भी इस संख्या से कम है।
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हवाई हमलों और मिसाइलों के आंकड़े: जेलेंस्की के अनुसार, इस साल की शुरुआत से अब तक रूस ने यूक्रेन पर:
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2,100 से अधिक मिसाइलें दागी हैं (जिनमें 950 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल हैं)।
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63,000 से अधिक ड्रोन छोड़े हैं (जिनमें 7,700 से ज्यादा विनाशकारी ‘शाहेद’ जेट-इंजन ड्रोन शामिल हैं)।
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वैश्विक समुदाय से सवाल: जेलेंस्की ने दुनिया के देशों के सामने सवाल रखते हुए कहा, “सोचिए अगर आपके देश को ऐसे भयानक हमलों का सामना करना पड़ता, तो क्या आपका देश इसे झेल पाता? यूक्रेन ने इस विनाशकारी स्थिति का मजबूती से मुकाबला किया है।”
