उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मामला प्रोफेसर रामगोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज के ग्रुप प्रेसिडेंट धनराज परिमल नथवानी द्वारा सपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद गरमाया है।
AIMIM का सपा पर तीखा हमला
AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता शादाब चौहान ने सपा के इस कदम को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सपा की अंदरूनी ‘फिक्सिंग’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा, मुसलमानों को बीजेपी का डर दिखाकर वोट हासिल करती है और जब प्रतिनिधित्व देने की बारी आती है, तो बीजेपी समर्थित व उद्योगपति परिवारों को आगे कर देती है।
शादाब चौहान ने तंज कसते हुए पूछा— “क्या सपा में मुस्लिम कार्यकर्ताओं का काम सिर्फ दरी बिछाना ही रह गया है?”
‘बी-टीम’ होने का आरोप और अपर्णा यादव पर तंज
AIMIM ने अखिलेश यादव के ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे को धोखा बताते हुए सवाल खड़ा किया कि क्या धनराज नथवानी को राज्यसभा भेजने की डील अखिलेश यादव की भाभी व बीजेपी नेता अपर्णा यादव के जरिए तय हुई है? प्रवक्ता ने कहा कि इस फैसले से यह साफ हो गया है कि चुनाव में असल मायने में बीजेपी की ‘बी-टीम’ कौन है।
विवाद की वजह
धनराज नथवानी के पिता परिमल नथवानी पहले से ही एनडीए (NDA) के समर्थन से झारखंड से राज्यसभा सांसद हैं। एनडीए पृष्ठभूमि वाले परिवार के सदस्य को सपा द्वारा उत्तर प्रदेश से प्रत्याशी बनाए जाने के बाद विपक्षी दलों को हमलावर होने का मौका मिल गया है, वहीं सपा के पारंपरिक मुस्लिम-यादव (M-Y) वोट बैंक के बीच भी इसको लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
