नई दिल्ली : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर तनाव का केंद्र बन गया है। ईरान ने ओमान कॉरिडोर से गुजर रहे एक भारतीय तेल टैंकर को वापस भेज दिया। इससे एक दिन पहले कतर से गुजरात आ रहा LNG टैंकर ड्रोन हमले में आग की चपेट में आ गया। US ने 80+ ईरानी ठिकानों पर हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने कुवैत-बहरीन पर वार किया। बीच में ट्रंप का “सीजफायर खत्म” वाला बयान आ गया, जिससे खाड़ी में हालात और बिगड़ गए हैं।
इंडियन टैंकर वापस: ‘ओमान कॉरिडोर नहीं, ईरान का रास्ता लो’
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, होर्मुज में ओमान के अस्थायी कॉरिडोर से गुजर रहे भारतीय तेल टैंकर को IRGC ने रोक दिया।
क्या हुआ: IRGC ने रेडियो पर चेतावनी दी और कहा कि ओमान कॉरिडोर छोड़कर ईरान द्वारा तय रास्ते से जाओ। टैंकर को लौटना पड़ा।
ओमान कॉरिडोर: 24 जून को ओमान और UN-IMO ने खाड़ी में फंसे जहाजों को निकालने के लिए ये कॉरिडोर बनाया था। इसकी देखरेख US करेगा।
असर: बुधवार सुबह ट्रैकिंग से पता चला कि होर्मुज से गुजरे सभी जहाजों ने ईरान का मंजूर किया कॉरिडोर ही इस्तेमाल किया।
LNG जहाज पर ड्रोन हमला: 4 भारतीय क्रू सुरक्षित
मंगलवार को कतर से LNG लेकर भारत आ रहे टैंकर पर होर्मुज में ड्रोन हमला हुआ।
नुकसान: जहाज के इंजन रूम में आग लग गई।
क्रू: कुल 29 में 4 भारतीय थे। सभी सुरक्षित बताए गए हैं।
सऊदी टैंकर: उसी दिन सऊदी का एक टैंकर भी हमले में आया। बहरी कंपनी ने कहा कार्गो सुरक्षित है और जहाज चलने लायक है।
US vs ईरान: 80 ठिकाने ध्वस्त, फिर कुवैत-बहरीन पर वार
US कार्रवाई: CENTCOM ने ‘वाडियान’, M/T अल रेकायत और M/T साइप्रस प्रॉस्पेरिटी पर हमलों के जवाब में 80+ ईरानी ठिकाने उड़ाए। टारगेट: एयर डिफेंस, रडार, एंटी-शिप मिसाइल और IRGC की 60+ तेज नावें।
ईरान का पलटवार: बुधवार को ईरान ने कुवैत और बहरीन पर हमला किया।
ट्रंप का बयान: NATO समिट में ट्रंप बोले, “ईरान के साथ युद्धविराम खत्म। वे घटिया, बीमार मानसिकता वाले लोग हैं। परमाणु होता तो इस्तेमाल कर देते।”
