भारत-अमेरिका ट्रेड वार्ता में गतिरोध: वित्त मंत्री सीतारमण बोलीं- ‘व्यापार संतुलन फिलहाल भारत के पक्ष में, और रियायत देना मुश्किल’

बाजार बुलेटिन

भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता (Trade Deal) को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत एक ऐसे पड़ाव (प्लेटो) पर पहुंच गई है, जहां से आगे बढ़ना या अतिरिक्त रियायतें देना दोनों पक्षों के लिए काफी मुश्किल हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन (Trade Balance) भारत के पक्ष में है।

खबर के मुख्य बिंदु:

  • बातचीत में आगे रियायत की गुंजाइश कम: वित्त मंत्री ने बताया कि व्यापार समझौते को लेकर गहन चर्चाएं जारी हैं, लेकिन दोनों देश एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गए हैं जहां भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता और घरेलू हितों को प्रभावित किए बिना और अधिक ढील देना संभव नहीं है।

  • अमेरिका के व्यापार घाटे पर चिंता: अमेरिका भारत के साथ बढ़ते अपने व्यापार असंतुलन (Trade Deficit) को लेकर चिंतित है और वह भारतीय बाजार में अपने उत्पादों के लिए अधिक पहुंच चाहता है। इसके लिए अमेरिका केवल बातचीत ही नहीं, बल्कि अन्य व्यापारिक उपायों और दबाव की नीतियों का भी सहारा ले रहा है।

  • टैरिफ के इस्तेमाल पर सवाल: वित्त मंत्री ने वैश्विक व्यापार नीति में टैरिफ (आयात शुल्क) को दबाव के हथियार के रूप में इस्तेमाल किए जाने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पहले व्यापार घाटे को बातचीत से सुलझाया जाता था, लेकिन अब एकतरफा टैरिफ लगाने जैसी कार्रवाइयां की जा रही हैं।

  • घरेलू और किसानों के हितों की सुरक्षा: भारत सरकार के लिए कृषि और घरेलू विनिर्माण जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की रक्षा करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सीतारमण ने कहा कि बाजार पहुंच और रियायतों से जुड़ी प्रतिबद्धता तय करते समय भारत अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता से समझौता नहीं करेगा।

  • वार्ता पूरी तरह खत्म नहीं हुई: भले ही बातचीत में गतिरोध जैसी स्थिति है, लेकिन वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच संवाद पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। यदि किसी बिंदु पर समझौते की थोड़ी भी संभावना बनती है, तो दोनों पक्ष उस दिशा में आगे कदम बढ़ाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *