लखनऊ : करुणामय, नैतिक एवं रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता पर विशेष बल – स्वामी मुक्तिनाथानन्द जी।
विश्व आई.वी.एफ. दिवस’ के अवसर पर दिनांक 25.07.2026 को अपराह्न 3ः30 बजे से 4ः00 बजे तक विवेकानन्द पॉलीक्लिनिक एवं आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ के सेमिनार हॉल (प्रथम तल) में ’विश्व आई.वी.एफ. दिवस’ पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्य बांझपन के बारे में आमजनमानस में जागरूकता बढ़ाना और व्यक्तियों एवं दम्पतियों की मदद में आई.वी.एफ. की भूमिका पर प्रकाश डालना था। इस वर्ष विश्व आई.वी.एफ. दिवस 2026 की थीम “माता-पिता बनना संभव बनाना: विज्ञान, आशा और आप” है।

’विश्व आईवीएफ दिवस’, जिसे विश्व भ्रूणविज्ञानी दिवस (World Embryologist Day) के नाम से भी जाना जाता है, प्रतिवर्ष 25 जुलाई को मनाया जाता है। यह दिवस वर्ष 1978 में जन्मी लुईस जॉय ब्राउन (Louise Joy Brown) के जन्म की स्मृति में मनाया जाता है, जो इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) तकनीक से जन्म लेने वाली विश्व की प्रथम शिशु थीं।
यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रजनन शरीर-विज्ञानी रॉबर्ट एडवर्ड्स (Robert Edwards), स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ पैट्रिक स्टेप्टो (Patrick Steptoe) तथा भ्रूणविज्ञानी जीन पर्डी (Jean Purdy) के वर्षों के अथक अनुसंधान का परिणाम थी। लुईस ब्राउन के जन्म ने यह सिद्ध कर दिया कि शरीर के बाहर निषेचन (In Vitro Fertilisation) के माध्यम से सफल गर्भधारण एवं स्वस्थ शिशु का जन्म संभव है। इस खोज ने प्रजनन चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई क्रांति ला दी। इस महत्वपूर्ण योगदान के लिए रॉबर्ट एडवर्ड्स को वर्ष 2010 में शरीर क्रिया विज्ञान एवं चिकित्सा (Physiology or Medicine) के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

यह दिवस प्रजनन चिकित्सा के क्षेत्र में वैज्ञानिक उपलब्धियों का सम्मान करने, भू्रणविज्ञानियों, प्रयोगशाला कर्मियों एवं प्रजनन विशेषज्ञों के समर्पण को रेखांकित करने तथा बांझपन (Infertility) के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। वर्ष 2026 का प्रमुख संदेश है कि प्रजनन संबंधी स्वास्थ्य सेवाएँ वैज्ञानिक, नैतिक, करुणामयी तथा सभी के लिए सुलभ होनी चाहिए।
’विश्व आई.वी.एफ. दिवस’ पर कार्यक्रम की शुरूआत रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम, विवेकानन्द पॉलीक्लिनिक एवं आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ के सचिव, स्वामी मुक्तिनाथानन्द जी महाराज, संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डॉ0 बी0के0सिंह एवं मंच पर उपस्थित अन्य गणमान्य अतिथियों एवं आई.वी.एफ. टीम द्वारा दीप प्रज्जवलन व त्रिमूर्तियों को पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुआ तथा वैदिक मन्त्रोंचारण का पाठ संस्थान की नर्सिग उपचारिकाओं द्वारा किया गया तथा गणमान्य अतिथियों का अभिनंदन किया गया।
स्वागतीय भाषण एवं परिचय ड0 सीमा पाण्डेय वरिष्ठ परामर्शदात्री, आई.वी.एफ. ने संगोष्ठी में पधारे गणमान्य अतिथियों, डाक्टर्स एवं आई.वी.एफ. टीम के सदस्यों एवं नर्सिग की छात्राओं एवं उपचारिकाओं का स्वागत किया।

तत्पश्चात सीनियर एम्ब्रियोलॉजिस्ट श्री फरीद का संस्थान द्वारा संचालित आई.वी.एफ. केन्द्र के बारे में संबोधन हुआ।
विवेकानन्द पॉलीक्लीनिक एवं आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में विश्व आईवीएफ दिवस बड़े उत्साह एवं समर्पण के साथ मनाया गया। ’कार्यक्रम का शुभारम्भ संस्थान के सचिव स्वामी मुक्तिनाथानन्दजी महाराज’ द्वारा प्रार्थना एवं आराध्य देवताओं को पुष्पमालाएँ अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में निःसंतान दम्पत्तियों के जीवन में सहायक प्रजनन तकनीकों (Assisted Reproductive Technologies) की महत्ता पर प्रकाश डाला तथा करुणामय, नैतिक एवं रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
संस्थान की आईवीएफ टीम, जिसकी अगुवाई ’डॉ. सीमा पाण्डेय’ ने की, ने युवा पीढ़ी में प्रजनन क्षमता (Fertility) के संरक्षण के महत्व पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। टीम ने प्रजनन स्वास्थ्य की सुरक्षा तथा भविष्य में बेहतर प्रजनन परिणाम सुनिश्चित करने के लिए प्रारम्भिक जागरूकता, समय पर परामर्श एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
धन्यवाद ज्ञापन स्त्री एवं प्रसूति विभाग की वरिष्ठ चिकित्सक डा0 कनुप्रिया जिन्दल ने दिया।
इस कार्यक्रम में संस्थान के चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों, पैरामेडिकल कर्मियों एवं अन्य कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम की शैक्षिक उपयोगिता एवं समसामयिक विषयवस्तु की सभी उपस्थितजनों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
