अखण्ड भारत पुनर्निर्माण में सहकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण-जे.पी.एस. राठौर

उत्तर प्रदेश राज्य लखनऊ शहर

लखनऊ: 04 जुलाई, 2026 अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस की पूर्व संध्या पर भारत-तिब्बत समन्वय संघ द्वारा आयोजित ‘अखण्ड भारत पुनर्निर्माण में सहकारिता की भूमिका’ विषयक ऑनलाइन राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जे.पी.एस. राठौर ने की।अपने अध्यक्षीय संबोधन में श्री राठौर ने कहा कि भारत-तिब्बत समन्वय संघ द्वारा इस महत्वपूर्ण विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन एक अभिनव एवं दूरदर्शी पहल है। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल एक आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाली एक सशक्त भावना है। जब सहकारिता संस्कार और सेवा भाव के साथ कार्य करती है, तब उसके परिणाम समाज और राष्ट्र के लिए अत्यंत सकारात्मक होते हैं।उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2021 में सहकारिता मंत्रालय की स्थापना तथा उसके नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र में किए गए सुधारों ने देश में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से किसानों, युवाओं और छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।अपने संबोधन में श्री राठौर ने गुजरात के अमूल मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों की सामूहिक शक्ति ने यह सिद्ध किया कि छोटे-छोटे संसाधनों को संगठित कर बड़े आर्थिक परिवर्तन संभव हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भरता पहुँचाना है।उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार सहकारिता क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए नई नीतियाँ, उपविधियाँ एवं योजनाएँ लागू कर रही है। सहकारिता के माध्यम से प्रारंभ की गई भारत टैक्सी जैसी पहल रोजगार, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तीकरण का नया मॉडल बनकर उभर रही है तथा सरकार इसे संस्थागत सहयोग एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।राज्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता भारतीय जीवनशैली, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से जुड़ी हुई व्यवस्था है। बेरोजगारी जैसी चुनौतियों का समाधान भी सहकारिता के माध्यम से किया जा सकता है। छोटे-छोटे किसान समूह बनाकर कृषि, डेयरी एवं अन्य व्यवसायों में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ‘बिना संस्कार, नही सहकार’ की भावना के साथ कार्य करने पर भ्रष्टाचार एवं अराजकता जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।उन्होंने उत्तर प्रदेश में सहकारिता क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में व्यापक सुधार किए गए हैं। बंद पड़े 16 जिला सहकारी बैंकों को पुनर्जीवित किया गया तथा आज प्रदेश के 50 में से 46 जिला सहकारी बैंक लाभ की स्थिति में हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इन बैंकों ने ₹152.78 करोड़ का लाभ अर्जित किया है।उन्होंने बताया कि प्रदेश की 6,840 एम-पैक्स समितियों को उर्वरक व्यवसाय हेतु ब्याजमुक्त ऋण सुविधा प्रदान की गई है, जिसकी सीमा ₹15 लाख तक बढ़ाने की तैयारी है। इन समितियों ने लगभग ₹7,000 करोड़ का कारोबार कर लगभग ₹200 करोड़ की आय अर्जित की है। वर्तमान में 5,686 पैक्स समितियों का कंप्यूटरीकरण, 1,479 समितियों में सोलर रूफटॉप, 1,315 गोदामों का सुदृढ़ीकरण तथा 161 जन औषधि केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। क्यूआर कोड आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली के माध्यम से ₹18 करोड़ से अधिक का डिजिटल लेन-देन किया जा चुका है।श्री राठौर ने बताया कि सदस्यता महाअभियान के माध्यम से वर्ष 2023 एवं 2025 में 54 लाख से अधिक नए सदस्य जुड़े, जिससे ₹113 करोड़ का शेयर पूंजी संग्रहित हुआ। जिला सहकारी बैंकों में दो लाख से अधिक नए खाते खोले गए तथा लगभग ₹560 करोड़ की नई जमा राशि प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सहकारी संस्थाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसानों और छोटे उद्यमियों के लिए आधुनिक सेवा केंद्र के रूप में विकसित करना है। समितियों का आधुनिकीकरण, सोलरीकरण तथा डेयरी सहकारी समितियों के विस्तार के लिए भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों ने सहकारिता के माध्यम से आत्मनिर्भर, समृद्ध एवं संगठित भारत के निर्माण का संकल्प व्यक्त किया तथा अखण्ड भारत पुनर्निर्माण की दिशा में सहकारिता की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया।संगोष्ठी में विषय प्रवर्तक श्री प्रकाश रत्नपारखी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, बीटीएसएस, विशिष्ट वक्ता प्रो अजय प्रकाश पूर्व प्रति कुलपति, श्रीराम स्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी, प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री, सहकारिता-प्रबंधन विज्ञ, लखनऊ, प्रधान वक्ता प्रो. एस.पी. सिंह, डीजी/वीसी, कौशल-द स्किल यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद, संयोजक व आभार ज्ञापक डॉ विक्रम बिसेन, प्रबंधन विशेषज्ञ, आईटीएम ग्रुप।/राष्ट्रीय मंत्री, बीटीएसएस, लखनऊ एवं संचालक सुश्री राजो मालवीय राष्ट्रीय महामंत्री बीटीएसएस, भोपाल ने ऑनलाइन प्रतिभाग किया।

 

 

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