चेयरमैन चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बाद टाटा ग्रुप के शेयरों में बड़ी बिकवाली; TCS करीब 6 प्रतिशत तक टूटा

बाजार बुलेटिन

मुंबई । टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के इस्तीफे की घोषणा के बाद बुधवार को टाटा ग्रुप की सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। निवेशकों ने नेतृत्व परिवर्तन की खबर पर सतर्क रुख अपनाया, जिसके चलते समूह की कई प्रमुख कंपनियों के शेयर करीब 6 प्रतिशत तक टूट गए। सबसे ज्यादा दबाव टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के शेयरों में देखने को मिला, जो कारोबार के दौरान करीब 5.9 प्रतिशत तक गिर गया। कारोबार के दौरान इसने 2,300.10 रुपए का दिन का निचला स्तर छुआ। हालांकि खबर लिखे जाने तक यह 4.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,328 रुपए के स्तर पर ट्रेड करते नजर आए। वहीं, इसके बाद टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (टीएमपीवी) के शेयरों में करीब 4 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। सत्र के दौरान यह 334.20 रुपए के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गया, जो 3.85 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है।
इसके अलावा, टाटा स्टील के शेयर भी 2 प्रतिशत से ज्यादा फिसल गए और एक समय यह 2.4 प्रतिशत गिरकर 183.60 रुपए के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गए।
इसके अलावा, टाइटन के शेयर भी दिन में 2.65 तक गिरकर 4,992 रुपए के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गए। वहीं, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
इसके साथ ही निवेशकों की बिकवाली का असर समूह की अन्य कंपनियों पर भी देखने को मिला।
टाटा एलेक्सी, टाटा कम्युनिकेशंस, टाटा टेक्नोलॉजीज, टाटा पावर, ट्रेंट और टाटा मोटर्स (कमर्शियल व्हीकल्स) के शेयर भी कारोबार के दौरान 2 प्रतिशत तक लुढ़क गए, हालांकि बाद में इनमें कुछ रिकवरी देखने को मिली। वहीं टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन और तेजस नेटवर्क्स भी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
हालांकि सभी कंपनियों में गिरावट नहीं रही। टाटा केमिकल्स इस माहौल में भी मजबूती दिखाने वाला प्रमुख शेयर रहा और इसमें करीब 2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
चंद्रशेखरन ने बुधवार को घोषणा की कि वह टाटा संस के चेयरमैन पद के लिए दोबारा नियुक्ति नहीं मांगेंगे। हालांकि वह अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा करेंगे, जो फरवरी 2027 में समाप्त होगा। उनका यह फैसला टाटा संस की 18 अगस्त को होने वाली वार्षिक आम बैठक (एजीएम) से ठीक पहले सामने आया है।
एन. चंद्रशेखरन का कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को समाप्त होगा। उन्होंने तीसरे कार्यकाल के लिए खुद को उपलब्ध नहीं कराने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही भारत के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में से एक टाटा समूह में उनके लगभग नौ वर्षों के नेतृत्व का अध्याय समाप्त होने की दिशा में बढ़ गया है।
टाटा संस देश के सबसे बड़े कारोबारी समूह की होल्डिंग कंपनी है, जिसके तहत टीसीएस, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, टाइटन जैसी दिग्गज कंपनियों के अलावा एयर इंडिया जैसी गैर-सूचीबद्ध कंपनियां भी आती हैं। समूह की 30 से अधिक कंपनियां विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार करती हैं, जिनमें आईटी, ऑटोमोबाइल, धातु, विमानन, ऊर्जा और एफएमसीजी शामिल हैं।
गौरतलब है कि चंद्रशेखरन 1987 में टाटा समूह से जुड़े थे। वह करीब 30 वर्षों तक टीसीएस में विभिन्न भूमिकाओं में रहे और 2009 में इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बने। उनके नेतृत्व में टीसीएस देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी।
इसके बाद जनवरी 2017 में उन्हें टाटा संस का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। अब उनके इस्तीफे के बाद निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी है कि टाटा समूह का अगला नेतृत्व किसके हाथों में जाएगा और भविष्य की रणनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *