लखनऊ, 21 अप्रैल 2026 प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती गुलाब देवी ने मंगलवार को गोमती नगर स्थित होटल फेयरफील्ड मैरिएट में आयोजित माहवारी स्वच्छता प्रबंधन पर राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया। उन्होंने बालिकाओं में माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा शिक्षकों को छात्राओं एवं उनकी माताओं से संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए।

मंत्री गुलाब देवी ने अपने संबोधन में कहा कि माहवारी से जुड़ी समस्याओं के कारण कई बार बालिकाएं गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों का सामना करती हैं। उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि कक्षा 9 एवं 10 की छात्राओं की माताओं को विद्यालय में आमंत्रित कर उन्हें माहवारी स्वच्छता के विषय में जागरूक करें। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक छात्र-छात्राओं के साथ मित्रवत व्यवहार अपनाएं ताकि वे अपनी समस्याओं को सहजता से साझा कर सकें। उन्होंने पारंपरिक उपायों के साथ-साथ वैज्ञानिक जानकारी के समन्वय पर भी बल दिया और इस पहल को महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा श्रीमती मोनिका रानी ने प्रशिक्षण की उपयोगिता पर बल देते हुए कहा कि यहां दी जा रही जानकारी को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शौचालय स्वच्छता की आदतों को बढ़ावा देने, बालिकाओं के हीमोग्लोबिन स्तर की जानकारी रखने, पोषण पर ध्यान देने, पोक्सो अधिनियम की जानकारी देने तथा सेनेटरी नैपकिन के सुरक्षित निपटान के संबंध में भी निर्देश दिए।
प्रशिक्षण के उपरांत राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स अपने-अपने जनपदों में नोडल शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे, जो आगे विद्यालय स्तर पर अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। इस पहल का उद्देश्य माहवारी से संबंधित सामाजिक वर्जनाओं को समाप्त करना, बालिकाओं में आत्मविश्वास विकसित करना तथा उन्हें सुरक्षित, सम्मानजनक एवं सहयोगपूर्ण शैक्षिक वातावरण प्रदान करना है।
समग्र शिक्षा (माध्यमिक) उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 21-22 अप्रैल 2026 तक संचालित किया जा रहा है। इससे पूर्व 15-16 अप्रैल 2026 को आयोजित प्रथम चरण में 40 जनपदों के 77 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जा चुका है। द्वितीय चरण में प्रदेश के 9 मंडलों—आगरा, अलीगढ़, बस्ती, चित्रकूट, झांसी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, कानपुर एवं सहारनपुर—से प्रत्येक जनपद की 2 शिक्षिकाएं, 1 राजकीय माध्यमिक विद्यालय तथा 1 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रतिनिधि मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रतिभाग कर रहे हैं।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आरकेएसके, वात्सल्य, सार्थक एवं खुशी सहित सहयोगी संस्थाओं के विशेषज्ञों द्वारा माहवारी स्वच्छता प्रबंधन, किशोर स्वास्थ्य, व्यवहार परिवर्तन, पोषण, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा कानूनी साक्षरता जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत महिला प्रजनन तंत्र की वैज्ञानिक समझ विकसित करने, मासिक धर्म से जुड़े मिथकों एवं भ्रांतियों के निराकरण पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
