रूस ने जेट-इंजन ड्रोन और म‍िसाइलों से यूक्रेन में फ‍िर मचाई तबाही, एक भारतीय समेत 12 लोगों की मौत

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यूक्रेन । यूक्रेन ने सोमवार शाम रूसी जेट-इंजन ड्रोन और बैल‍िस्‍टिक म‍िसाइल से क‍िए गए हमलों की एक और लहर का सामना क‍िया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया क‍ि एक बार फ‍िर ये हमले सामान्‍य नागर‍िक ढांचे को न‍िशाना बनाकर क‍िए गए। अलग-अलग शहरों में हुए इन हमलों में कुल 12 लोगों की मौत हो गई। इनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ”रूस के हमले के बाद हुए नुकसान से निपटने का काम कल रात से ही कई शहरों और समुदायों में लगातार जारी है। केवल कीव और उसके आसपास के क्षेत्र में ही करीब 350 बचावकर्मी राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं। इन हमलों में बड़ी संख्या में जेट इंजन वाले ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। दुख की बात है कि रिहायशी इमारतों और आम नागरिकों से जुड़ी सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है।” यूक्रेनी राष्‍ट्रपत‍ि ने बताया क‍ि रूसी हमलों के दौरान बोरिस्पिल में एक सामान्य पांच मंजिला आवासीय इमारत क्षतिग्रस्त हो गई। वहां से 50 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। सभी जरूरी सेवाएं मौके पर मौजूद हैं। कई कारोबारी प्रतिष्ठान भी हमले की चपेट में आए। शहर में कुल चार लोगों की मौत हुई और 13 लोग घायल हुए। मैं पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।
जेलेंस्की ने बताया क‍ि सोमवार शाम से ओडेसा और उसके आसपास के क्षेत्र पर भी निर्देशित हवाई बमों और ड्रोन से हमले जारी हैं। हजारों परिवार बिजली के बिना रह रहे हैं और जल्द से जल्द बिजली बहाल करने का काम चल रहा है। इसके अलावा रोमानिया के साथ सीमा पर स्थित एक सीमा चौकी को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया। निर्यात से जुड़ा बुनियादी ढांचा भी प्रभावित हुआ है।
उन्‍होंने बताया क‍ि कीव में एक रेलवे डिपो पर हुए हमले में सात लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा खेरसॉन, दोनेत्स्क, जापोरिज्जिया, खार्किव, चेर्निहाइव, जाइटॉमिर, सुमी और निप्रो क्षेत्रों पर भी हमले हुए।
जेलेंस्की ने बताया क‍ि सोमवार का हुए हमलों में कुल मिलाकर 12 लोगों की मौत हुई, जिनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल है। वहीं, कई लोग घायल हुए हैं। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।
जेलेंस्की ने कहा कि रूस अपने हमलों की योजना इस तरह बनाता है कि लोगों के जीवन को अधिक से अधिक नुकसान पहुंचे। वह तभी सफल होता है जब हवाई रक्षा क्षमताएं पर्याप्त नहीं होतीं।
उन्होंने कहा कि वह उन सभी देशों और साझेदारों के आभारी हैं जो ‘पर्ल’ और द्विपक्षीय सहायता के माध्यम से यूक्रेन को बैलिस्टिक मिसाइलों से रक्षा करने की क्षमता उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आने वाले शरद ऋतु के महीनों में ऐसी सहायता और बढ़े।
जेलेंस्की ने कहा कि रूसी हमलों के पीड़ितों की संख्या सीधे तौर पर इस बात पर निर्भर करती है कि यूक्रेन को कितनी नई सहायता मिलती है। उन्होंने यूक्रेन को अधिक मजबूत और सक्षम बनाने में मदद कर रहे सभी लोगों का धन्यवाद किया।

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