चंदौली। उत्तर प्रदेश के चंदौली और वाराणसी में चलती ट्रेनों तथा अस्पताल में घुसकर महज 26 घंटे के भीतर तीन सनसनीखेज हत्याएं करने वाला साइको किलर गुरप्रीत सिंह (45) सोमवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। चंदौली के पुलिस अधीक्षक (SP) आकाश पटेल ने एनकाउंटर की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस टीम आरोपी को वारदात की कड़ियों को जोड़ने के लिए ‘क्राइम सीन रीक्रिएट’ कराने ले गई थी। इसी दौरान शातिर अपराधी ने एक पुलिस अधिकारी की सरकारी पिस्टल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी फायरिंग में आरोपी के सिर और सीने में गोलियां लगीं। उसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फौजी रहा था हत्यारा, सीधे कनपटी पर दागता था गोली
अमृतसर का मूल निवासी 45 वर्षीय गुरप्रीत सिंह छह साल पहले भारतीय सेना (Army) से सेवानिवृत्त हुआ था। सेना से रिटायर होने के बाद उसका कोई स्थायी ठिकाना नहीं था और वह अत्यधिक शराब पीने का आदी हो चुका था। आरोपी का मर्डर पैटर्न बेहद खौफनाक और एक जैसा था—वह बिना किसी बड़े विवाद के सीधे पीड़ित की कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार देता था। उसने 26 घंटे में इन तीन खौफनाक वारदातों को अंजाम दिया:
पहली हत्या (रविवार, सुबह 7 बजे): चंदौली में एक पैसेंजर ट्रेन के भीतर एक युवक की कनपटी पर गोली मारकर उसकी जान ले ली।
दूसरी हत्या (रविवार, देर रात 2 बजे): वाराणसी क्षेत्र में जम्मूतवी एक्सप्रेस ट्रेन के अंदर एक अन्य यात्री को मौत के घाट उतार दिया।
तीसरी हत्या (सोमवार, सुबह 8:30 बजे): चंदौली के एक निजी अस्पताल में घुसकर बेड पर लेटी एक बेबस महिला की कनपटी पर तमंचा सटाकर उसे सरेआम गोली मार दी।
“मैं मन का राजा हूं…” कहकर पुलिस को चौंकाया
सोमवार सुबह अस्पताल में महिला की हत्या कर जब गुरप्रीत भागने की कोशिश कर रहा था, तब वहां मौजूद आक्रोशित भीड़ ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया और उसकी जमकर धुनाई कर दी, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले किया गया था। भीड़ की पिटाई से जख्मी हुए आरोपी का पुलिस ने पहले इलाज कराया।
होश में आने पर जब पुलिस ने उससे बेकसूर महिला को गोली मारने की वजह पूछी, तो उसने बेहद ठंडे और सनकी अंदाज में जवाब दिया, “मैं मन का राजा हूं। शराब पीने के बाद मैं होश में नहीं रहता। घूम-घूमकर जो मेरे मन में आता है, मैं वही करता हूं। एक नहीं, दो-तीन लोगों को मारकर आया हूं।” पीडीडीयू नगर के सीओ अरुण कुमार सिंह के मुताबिक, शुरुआती जांच और पूछताछ से साफ था कि आरोपी गंभीर मानसिक विक्षिप्तता (साइको किलर प्रवृत्ति) का शिकार था और अत्यधिक शराब पीने के बाद हिंसक होकर लोगों की जान ले रहा था।
