नई दिल्ली : मई में NEET-UG का पर्चा लीक होने के बाद 22 लाख बच्चों का भरोसा टूटा था। अब NTA वही गलती दोहराना नहीं चाहता। 21 जून की री-एग्जाम के लिए एजेंसी ने ऐसा सिक्योरिटी प्लान बनाया है जो किसी मिलिट्री ऑपरेशन से कम नहीं।
‘डिजिटल वनवास’ में गई पूरी टीम
पेपर सेट करने वाले, सवालों की जांच करने वाले और हिंदी-अंग्रेजी में अनुवाद करने वाले सारे एक्सपर्ट अभी से एक सीक्रेट ठिकाने पर शिफ्ट कर दिए गए हैं। 21 जून शाम 5:15 बजे एग्जाम खत्म होने तक ये लोग ‘लॉकडाउन’ में रहेंगे। मतलब: न घरवालों से बात, न दोस्तों से मुलाकात।
लॉकडाउन के अंदर क्या-क्या बैन है?
सारे गैजेट जब्त: मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्टवॉच – कुछ भी अलाउड नहीं।
इंटरनेट जीरो: फैसिलिटी में नेट बंद। बाहर कॉल या मैसेज करने का कोई तरीका नहीं।
हर मूवमेंट रिकॉर्ड: कौन आया, कौन गया, कब गया – हर चीज की एंट्री हो रही है। एंट्री सिर्फ स्पेशल पास वालों को।
पेपर को पहुंचाएगा एयरफोर्स?
बातचीत में अफसरों ने बताया कि इस बार काम को ‘टुकड़ों’ में बांटा गया है। पेपर बनाना, प्रिंट होना, पैक होना, ट्रांसपोर्ट – हर स्टेप अलग टीम के पास। ताकि कोई एक इंसान पूरी चेन न जान पाए। इसके अलावा प्रश्नपत्रों को 565 सेंटर तक ले जाने के लिए IAF के प्लेन इस्तेमाल करने का प्लान है।
सोशल मीडिया पर 24×7 पहरा
व्हाट्सएप ग्रुप से लेकर टेलीग्राम चैनल तक, हर जगह साइबर टीम नजर रख रही है। कोई फर्जी पेपर डाले या अफवाह फैलाए – तुरंत एक्शन होगा। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने टीम को साफ कहा है: ‘मई वाली चूक अब नहीं दिखनी चाहिए।’शैक्षिक संसाधन
एग्जाम का पूरा शेड्यूल:
कब: 21 जून 2026, रविवार
कितने बजे: दोपहर 2:00 से शाम 5:15 बजे
कहां: भारत के 551 शहर + 14 विदेशी शहर
कौन देगा: 22 लाख+ स्टूडेंट जिनका मई वाला एग्जाम रद्द हुआ था
मोड: ऑफलाइन, पेन-पेपर
स्टूडेंट के लिए इसका मतलब क्या है?
NTA का मैसेज साफ है – इस बार पर्चा लीक हुआ तो जिम्मेदारी फिक्स होगी। 22 लाख बच्चों की मेहनत दोबारा बर्बाद न हो, इसलिए एजेंसी ने खुद को ‘लॉकडाउन’ कर लिया है।
