उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘कारपेट सिटी’ (कालीन नगरी) के नाम से मशहूर भदोही जिले को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। अब इस जिले की पहचान फिर से ‘संत रविदास नगर भदोही’ के रूप में होगी।

उत्तर प्रदेश राज्य लखनऊ शहर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘कारपेट सिटी’ (कालीन नगरी) के नाम से मशहूर भदोही जिले को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। अब इस जिले की पहचान फिर से ‘संत रविदास नगर भदोही’ के रूप में होगी।

खबर के मुख्य बिंदु:

  • नाम बदलने की आधिकारिक घोषणा: भदोही में आयोजित ‘इंडिया कारपेट एक्सपो’ (India Carpet Expo) के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि जिले को अब आधिकारिक तौर पर ‘संत रविदास नगर भदोही’ कहा जाएगा।

  • सामाजिक समरसता का संदेश: मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास ने अपनी साधना और विचारों के जरिए समाज को जोड़ने का काम किया। लगभग 600 वर्ष पूर्व उन्होंने जिस लोककल्याणकारी राज्य और सामाजिक समरसता की कल्पना की थी, आज की सरकारें उसी दिशा में काम कर रही हैं।

  • विकास परियोजनाओं की सौगात: इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भदोही जिले के लिए ₹1,340 करोड़ से अधिक की लागत वाली 112 विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।

  • कालीन उद्योग को बढ़ावा: मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्पियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान व बाजार उपलब्ध कराया गया है, जिससे भदोही का कालीन उद्योग नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

जिले के नाम का इतिहास:

  1. 1994 में गठन: वाराणसी से अलग होकर जब 30 जून 1994 को यह नया जिला बना, तब इसका नाम संत रविदास नगर रखा गया था।

  2. 2014 में बदलाव: वर्ष 2014 में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा सरकार ने इसका नाम बदलकर वापस ‘भदोही’ कर दिया था।

  3. 2026 में पुनः नामकरण: अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे पुरानी पहचान लौटाते हुए फिर से ‘संत रविदास नगर भदोही’ करने की घोषणा की है।

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