सऊदी अरब में एयरपोर्ट और अरामको तेल ठिकाने पर भीषण हमले, 3 की मौत, भारतीय नागरिक घायल

विदेश

नई दिल्ली: खाड़ी देशों में एक बार फिर युद्ध जैसे हालात और गहराता तनाव चिंता का विषय बनता जा रहा है। रणनीतिक रूप से बेहद अहम सऊदी अरब में हाल ही में हुए सिलसिलेवार हमलों ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लेकर दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनियों में शुमार ‘सऊदी अरामको’ के ठिकानों तक को निशाना बनाए जाने से मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस खौफनाक घटनाक्रम में अब तक तीन बेकसूर लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। घायलों में एक भारतीय नागरिक के भी शामिल होने की पुष्टि ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बड़ा हमला

सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में स्थित दम्माम का किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट मध्य पूर्व का एक व्यस्त और महत्वपूर्ण एविएशन हब है। हाल ही में देर रात इस हवाई अड्डे को एक भीषण हमले का सामना करना पड़ा। नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, इस अचानक हुए हमले में एक स्थानीय सऊदी नागरिक की मौत हो गई, जबकि 8 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस शक्तिशाली हमले के कारण एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे उड़ानों के रूट बदलने पड़े और विमानों का संचालन बाधित हुआ। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन शक की सुई यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों की ओर घूम रही है।

अरामको के तेल ठिकाने पर ड्रोन स्ट्राइक की साजिश

इस हमले से पहले, सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने एक और बड़े खतरे को नाकाम करने की जानकारी दी। देश के दक्षिण-पूर्व क्षेत्र में स्थित ‘सऊदी अरामको’ के एक प्रमुख तेल ठिकाने पर ड्रोन के जरिए बड़ा हमला करने की कोशिश की गई थी। हालांकि, सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उस खतरनाक ड्रोन को हवा में ही मार गिराया।

लेकिन ड्रोन के नष्ट होने के बाद उसके गिरते मलबे से भारी तबाही मच गई। मलबे की चपेट में आने से नीचे खड़ी एक ठेकेदार की गाड़ी में भीषण आग लग गई, जिसमें नेपाल और फिलीपींस के एक-एक नागरिक की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में एक भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक के घायल होने की भी खबर है। राहत की बात यह रही कि इस घटना से तेल उत्पादन या प्लांट के मुख्य कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ा।

अमेरिका का सख्त कदम और भारत की चिंताएं

सऊदी अरब में आर्थिक और रणनीतिक ठिकानों पर हो रहे इन लगातार हमलों से महाशक्तियां भी सतर्क हो गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमेरिका ने सऊदी अरब में मौजूद अपने कुछ चुनिंदा राजनयिकों और सरकारी कर्मचारियों के परिवारों को तुरंत देश छोड़ने का सख्त आदेश जारी कर दिया है।

दूसरी ओर, यह पूरा घटनाक्रम भारत के लिए बेहद संवेदनशील है, क्योंकि सऊदी अरब में लाखों भारतीय कामगार और पेशेवर रहते हैं। एयरपोर्ट और तेल ठिकानों जैसे अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में इस तरह के हमलों का होना वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है। अरामको के ठिकाने पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक का घायल होना इस बात की तस्दीक करता है कि हालात कितने गंभीर हैं। वैश्विक समुदाय इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखे हुए है।

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