गोरखपुर | उत्तर प्रदेश STF ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 लाख रुपये के इनामी बदमाश मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू को मुठभेड़ में मार गिराया। इस दौरान हुई गोलीबारी में STF का एक हेड कांस्टेबल भी घायल हो गया, जिसका इलाज चल रहा है।
कैसे हुई मुठभेड़?
STF की लखनऊ और गोरखपुर यूनिट को सूचना मिली थी कि बाबू रामनगर करजहा से कुशीनगर लेन के पास छिपा है। टीम ने इलाके की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाश ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वो गोली लगने से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कौन था बाबू?
10 से ज्यादा मुकदमे दर्ज
मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू मूल रूप से आजमगढ़ के मेहनगर थाना क्षेत्र के खुन्दनपुर गांव का रहने वाला था। उसके खिलाफ UP और महाराष्ट्र में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट समेत 10 से अधिक गंभीर मामले दर्ज थे। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था और वो लंबे समय से फरार चल रहा था।
2003 से चला आ रहा था आपराधिक सफर
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक बाबू पर 2003 में चोरी का पहला केस दर्ज हुआ था। 2008 में हत्या के प्रयास, 2011-2012 में हत्या और हत्या के प्रयास के मामले सामने आए। इसके बाद कोर्ट ने उसकी कुर्की भी की थी। 2021 में हत्या, साजिश और धमकी के नए मुकदमे दर्ज हुए। 2024 में भी उसके खिलाफ केस लिखा गया।
दिसंबर 2024 में वो महाराष्ट्र के अमरावती जिले से पुलिस हिरासत से फरार हो गया था। तभी से STF उसकी तलाश कर रही थी। STF अधिकारियों ने कहा कि बाबू की मौत से आजमगढ़, गोरखपुर समेत कई जिलों में चल रहे संगीन अपराधों पर लगाम लगेगी।
