वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के बीच एक बार फिर शांति की कोशिशों को झटका लगा है. ईरान ने नया प्रस्ताव भेजकर युद्ध खत्म करने की पहल की, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कह दिया कि वह इससे ‘संतुष्ट नहीं’ हैं. पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, ‘अभी बातचीत चल रही है, लेकिन बात बन नहीं रही. उनके पास विकल्प है या तो डील करें या फिर हम उन्हें उड़ा देंगे.’ उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ऐसी मांगें रख रहा है, जिनसे अमेरिका सहमत नहीं हो सकता.
ईरान ने नया प्रस्ताव दिया
ईरान ने यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया है, हालांकि इसके पूरे विवरण अभी सामने नहीं आए हैं. माना जा रहा है कि यह प्रस्ताव युद्ध खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर गतिरोध सुलझाने से जुड़ा है. लेकिन अमेरिकी पक्ष का कहना है कि इसमें उनके मुख्य मुद्दे खासकर परमाणु कार्यक्रम पर पर्याप्त स्पष्टता नहीं है.
प्रतिबंधों में राहत
होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण
अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाने की पक्की गारंटी दे, जबकि ईरान इस मुद्दे को बाद में सुलझाने की बात करता रहा है.
ट्रंप का सख्त रुख, ‘युद्ध करो या समझौता’
ट्रंप ने साफ संकेत दिया है कि अगर बातचीत सफल नहीं होती, तो सैन्य कार्रवाई भी एक विकल्प बना हुआ है. उन्होंने कहा कि उनके पास ‘या तो हमला करने या समझौता करने’ के विकल्प खुले हैं.
कानूनी विवाद भी बढ़ा
इसी बीच अमेरिका में एक और विवाद खड़ा हो गया है. युद्ध पावर्स एक्ट के तहत 60 दिन से ज्यादा सैन्य कार्रवाई के लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होती है, लेकिन ट्रंप ने कहा कि युद्धविराम लागू होने से यह समयसीमा रुक गई है. कई कानूनी विशेषज्ञ इस दावे से सहमत नहीं हैं और इसे विवादास्पद मान रहे हैं.
रूस का नाम भी चर्चा में
परमाणु मुद्दे पर एक विकल्प यह भी सामने आया है कि ईरान अपने एनरिच्ड यूरेनियम को रूस भेज सकता है. इस पर ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन के बीच बातचीत भी हुई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है.
