दुबई/तेहरान : अमेरिका के लगातार चौथी रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमलों के बाद ईरान ने पलटवार किया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स IRGC ने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है।
अमेरिका ने किए नए हवाई हमले
अमेरिकी सेंट्रल कमांड CENTCOM के अनुसार मंगलवार देर रात अमेरिका ने ईरान की उन सैन्य क्षमताओं पर हमले किए जिनका इस्तेमाल होर्मुज में व्यावसायिक जहाजों पर हमले के लिए किया जा रहा था। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि उभरते खतरों को खत्म करने के लिए सीमित संख्या में ठिकानों को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों पर फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी है। मध्य पूर्व में अमेरिका के 20 से अधिक युद्धपोत और सैकड़ों सैन्य विमान तैनात हैं।
ईरान की सरकारी एजेंसी IRNA के मुताबिक हेंगाम द्वीप, बंदर अब्बास, अहवाज और क़ेश्म द्वीप पर भी धमाके हुए। इससे पहले 13 जुलाई को अमेरिका ने बुशेहर, चाबहार, जास्क समेत कई तटीय इलाकों पर बड़े हमले किए थे।
ईरान का जवाबी हमला
IRGC ने दावा किया कि ऑपरेशन ‘प्रॉमिस-2’ की तीसरी लहर में बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर हथियार स्टोरेज को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया।
जॉर्डन के अजराक एयर बेस पर ड्रोन हमला किया गया। वहीं कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस पर MQ-9 ड्रोन लॉन्च पैड को भी टारगेट किया गया।
कुवैत की सेना ने कहा कि उसने मंगलवार शाम ईरान की तरफ से दागी 1 बैलिस्टिक मिसाइल, 5 क्रूज मिसाइल और 33 ड्रोन को मार गिराया। मलबा गिरने से संपत्ति को नुकसान हुआ। एक नौसैनिक पोत क्षतिग्रस्त हुआ और 4 सैनिक घायल हुए।
होर्मुज को लेकर फिर चेतावनी
IRGC ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर फिर चेतावनी दी। बयान में कहा, “जब तक अमेरिका की सैन्य मौजूदगी इस क्षेत्र में बनी रहेगी, तब तक यहां से तेल और गैस का एक भी कतरा निर्यात नहीं होगा।” IRGC ने कहा कि अमेरिकी आक्रामकता का नतीजा सिर्फ होर्मुज के खुलने में देरी होगा।अरब
