रात में वीडियो संदेश जारी करने के बजाय संसद में आकर जवाब दें पीएम मोदी: मल्लिकार्जुन खड़गे

टॉप न्यूज़ देश

नई दिल्ली । नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश के बाद कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री से संसद में आकर जवाब देने की मांग की है। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर कुछ कहना है तो उन्हें संसद में आकर अपनी बात रखनी चाहिए। सदन में दिए गए बयान को ही गंभीरता से लिया जाएगा। खड़गे ने कहा कि रात के समय वीडियो संदेश जारी करने के बजाय प्रधानमंत्री को दिन में संसद में आकर छात्रों और देश के सामने अपनी बात रखनी चाहिए।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी प्रधानमंत्री के संदेश पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार काफी देर बाद इस मुद्दे पर बोल रही है। देश के युवा सड़कों पर हैं और केवल बयान देने से उनकी परेशानियां दूर नहीं होंगी। खेड़ा ने कहा कि छात्रों की चिंताओं का समाधान जरूरी है।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने मांग की कि प्रधानमंत्री को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाना चाहिए। यह छात्रों और देश की मांग है। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की मांगों पर ध्यान देने के बजाय लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते छात्रों की आवाज उठा रही है और संसद में उसकी अलग जिम्मेदारी है।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय ने पेपर लीक रोकने के लिए प्रस्तावित कानून पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरी जानकारी सामने आने के बाद ही प्रतिक्रिया दी जा सकती है। उन्होंने पूछा कि सरकार छात्रों की मांगों को पूरा करने में देरी क्यों कर रही है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कब इस्तीफा देंगे।
आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर चर्चा होनी चाहिए और केवल बयान देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने सरकार पर अहंकार का आरोप लगाया।
समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने भी सरकार से सवाल किया कि पेपर लीक करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पहले से मौजूद कानूनों का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया। उन्होंने जांच एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *