केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने वैश्विक स्पोर्ट्सवेयर ब्रांड नाइकी (Nike) के साथ भारत की साझेदारी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत और नाइकी के बीच का सहयोग अब एक नए और ऊंचे स्तर पर पहुंचने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस साझेदारी का मुख्य केंद्र देश में मैन्युफैक्चरिंग (विनिर्माण) को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करना होगा।
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भारत-नाइकी साझेदारी का विस्तार: केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि नाइकी जैसी शीर्ष वैश्विक कंपनी के साथ भारत का सहयोग केवल आयात-निर्यात तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मेक इन इंडिया (Make in India) पहल के तहत भारत को एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र (Manufacturing Hub) के रूप में विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
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स्थानीय रोजगार और स्किलिंग पर जोर: इस साझेदारी से देश के विनिर्माण क्षेत्र, विशेषकर फुटवियर और स्पोर्ट्स टेक्सटाइल गारमेंट्स सेक्टर में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही भारतीय कारीगरों और श्रमिकों को वैश्विक मानकों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण (Skill Training) भी मिलेगा।
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मेक इन इंडिया को वैश्विक पहचान: नाइकी द्वारा भारत में विनिर्माण क्षमताओं का विस्तार किए जाने से ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों की वैश्विक बाजार में पहुंच और मजबूत होगी। इससे भारत के निर्यात (Exports) को गति मिलेगी।
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मजबूत आर्थिक विकास और नीतियां: केन्द्रीय मंत्री ने रेखांकित किया कि भारत की स्थिर अर्थव्यवस्था, अनुकूल निवेश नीतियां और मजबूत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र वैश्विक कंपनियों को देश में अपनी मौजूदगी और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए आकर्षित कर रहे हैं।
