नई दिल्ली: देश भर में नशीली और नियंत्रित दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार और ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब शेड्यूल H, H1 और X श्रेणी की दवाओं की बिक्री करने वाली सभी मेडिकल दुकानों पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
सरकार के नए नियम और निर्देश:
CCTV फुटेज अनिवार्य: मेडिकल स्टोर संचालकों को दुकानों के अंदर और बिलिंग काउंटर पर सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। इस फुटेज का रिकॉर्ड कम से कम 30 से 90 दिनों तक सुरक्षित रखना होगा, ताकि जांच एजेंसियां और ड्रग इंस्पेक्टर आवश्यकता पड़ने पर इसकी समीक्षा कर सकें।
बिना पर्चे बिक्री पर रोक: शेड्यूल H, H1 और X श्रेणी में आने वाली एंटीबायोटिक्स, पेनकिलर और नशीली-मानसिक प्रभाव वाली दवाओं को डॉक्टर के वैध पर्चे (Prescription) के बिना बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
सख्त रजिस्टर रिकॉर्ड: मेडिकल दुकानदारों को इन दवाओं के खरीद-बिक्री का पूरा विवरण दर्ज करना होगा। इसमें मरीज का नाम, डॉक्टर का नाम, दवा की मात्रा और बैच नंबर लिखना जरूरी होगा।
क्यों उठाया गया यह कदम?
यह कड़ा फैसला बिना डॉक्टर की सलाह के ओवर-द-काउंटर (OTC) एंटीबायोटिक्स और नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर लगाम लगाने के लिए लिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोर के लाइसेंस रद्द करने और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
