नई दिल्ली : मंगलवार की सुबह फिलीपींस के लिए डरावनी साबित हुई। ठीक 7:37 बजे जब लोग दिन शुरू कर रहे थे, तभी दक्षिणी हिस्से का मिंडानाओ इलाका भयानक तरीके से हिलने लगा। जर्मन एजेंसी GFZ ने बताया कि रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.8 थी। यानी बहुत खतरनाक।
भूकंप का केंद्र बुरियास शहर से सिर्फ 24.7 किमी दूर था और जमीन से गहराई भी महज 35 किमी थी। वैज्ञानिकों की भाषा में इसे ‘उथला भूकंप’ कहते हैं। मतलब इसकी सारी ताकत सीधे जमीन पर आई। इसीलिए झटके इतने तेज थे कि सारंगानी प्रांत के अलाबेल में पुलिस स्टेशन तक में दरारें पड़ गईं।
वहां के पुलिस प्रमुख बेंजी एंचेटा ने रॉयटर्स को बताया, ‘मैंने जिंदगी में इतना तेज भूकंप नहीं देखा। झटके से कुछ लोग तो बेहोश ही हो गए।’ गनीमत रही कि अभी तक किसी की मौत की खबर नहीं है।
धरती हिलने के कुछ मिनट बाद ही प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने लाल अलर्ट बजा दिया। कहा गया कि अगले 3 घंटे में फिलीपींस के अलावा इंडोनेशिया, ताइवान, पलाऊ और पापुआ न्यू गिनी के तटीय इलाकों में समुद्री लहरें तबाही मचा सकती हैं।
फिलीपींस वैसे भी ‘रिंग ऑफ फायर’ पर बसा है। यहां धरती के नीचे हमेशा हलचल होती रहती है। इसलिए भूकंप आम बात है। लेकिन 7.8 की तीव्रता आम नहीं है। 2004 की सुनामी भी इसी तरह के उथले भूकंप से आई थी।
