दुर्गुणों को जलाकर प्रेम के रंगों की मनाएं होली-मुक्तिनाथानन्द जी
भगवान कृष्ण ने गोपियो के साथ रंग खेला व चैतन्य महाप्रभु ने इसी दिन प्रेम अवतार के रूप में जन्म लिया था। इस रंगो के साथ ही उमंग का त्योहार है। होली के दिन लोग एक दूसरे के साथ आनन्द का अनुभव करते हुए रंग लगाते हैं व आपसी प्रेम सद्भाव के साथ परस्पर खुशियां […]
Continue Reading