भावुकता के आधार पर निर्णय लेना उचित नहीं है – स्वामी मुक्तिनाथानंद
*लखनऊ *धर्म, विवेक और व्यापक कल्याण की दृष्टि से निर्णय लेना चाहिए – स्वामी जी* *श्रीमद्भगवद्गीता पर अपने साप्ताहिक प्रवचन में स्वामी मुक्तिनाथानंद जी ने कहा कि* प्रथम अध्याय के श्लोक 36 में अर्जुन युद्धभूमि में उपस्थित होकर अपने स्वजनों के वध के नैतिक और आध्यात्मिक परिणामों पर गहन चिंतन करते हैं। इन श्लोकों में […]
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