उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में ‘भारत टैक्सी’ सेवा और ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ का औपचारिक शुभारंभ किया। इस पहल से टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और बाइक (टू-व्हीलर/थ्री-व्हीलर) चालकों के लिए कमाई के नए रास्ते खुलेंगे और निजी कंपनियों की मनमानी पर लगाम लगेगी।
भारत टैक्सी सेवा की प्रमुख बातें
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जीरो कमीशन मॉडल: ओला और उबर जैसी निजी कंपनियों के विपरीत, भारत टैक्सी से जुड़ने वाले चालकों (सारथियों) से कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा। इससे चालकों की कमाई सीधे उनके खातों में जाएगी।
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₹5 लाख का सामाजिक सुरक्षा कवर: योजना के तहत पंजीकरण कराने वाले चालकों को ₹5 लाख तक का सामाजिक सुरक्षा (दुर्घटना बीमा/स्वास्थ्य सुरक्षा) कवर दिया जाएगा, जिससे वे निश्चिंत होकर काम कर सकें।
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शुरुआती शहर: इस सेवा की शुरुआत लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज से की गई है। लखनऊ एयरपोर्ट, मेट्रो और पुलिस संस्थाओं के साथ इसके संचालन के लिए समझौता (MoU) भी किया गया है।
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नो पीक-अवर चार्ज: यात्रियों के लिए भी यह सेवा सस्ती होगी, क्योंकि पीक-अवर या देर रात की यात्रा पर कोई अतिरिक्त शुल्क (Surge Pricing) नहीं लिया जाएगा।
किसानों के लिए ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ की सौगात
टैक्सी सेवा के साथ-साथ सीएम योगी ने किसानों के लिए भी एक बड़ा फैसला लिया:
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सस्ता कर्ज: उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक (LDB) से किसानों को मिलने वाले ऋण की ब्याज दर 11% से घटाकर 6% कर दी गई है।
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लक्ष्य: आने वाले वर्षों में राज्य के 5 लाख लघु एवं सीमांत किसानों को सस्ती ब्याज दरों पर दीर्घकालिक कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
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डिजिटल पहल: इस अवसर पर सीएम योगी ने ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि पोर्टल ऐप (UPCDC)’ और उर्वरक (खाद) सेवाओं के लिए मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया।
