जोशीमठ । बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित रूप से हेरफेर के मामले में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की शिकायत के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। बीकेटीसी चेयरमैन के कार्यालय में तैनात निजी सचिव प्रमोद नौटियाल पर भी मुकदमा दर्ज हुआ है। समिति के अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान ने बद्रीनाथ पुलिस थाने में लिखित शिकायत दी। इसके आधार पर बुधवार को बद्रीनाथ पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धाराओं 306 और 316(5) के तहत यह मुकदमा लिखा। शिकायत के अनुसार, 2 जुलाई को सोशल मीडिया पर बद्रीनाथ मंदिर में दान के पैसे के प्रबंधन में वित्तीय गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद मंदिर समिति ने तीन सदस्यों की एक जांच समिति बनाई थी। शुरुआती जांच में कथित तौर पर ऐसे सबूत मिले जिनसे पता चलता है कि प्रमोद नौटियाल ने बिना इजाजत सुबह 9 बजे से 9.30 बजे के बीच मंदिर का फंड निकाला था।
शुरुआती जांच में खुलासों के बाद समिति ने 7 जुलाई को नौटियाल को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। समिति का कहना था कि उन्हें पद पर बनाए रखने से जांच की निष्पक्षता और ईमानदारी पर असर पड़ सकता है। फिलहाल, औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज हो गई है।
हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एफआईआर दर्ज होने का मतलब आरोपों की पुष्टि होना नहीं है। दोषी या निर्दोष होने का फैसला पुलिस जांच और उसके बाद की न्यायिक कार्यवाही के नतीजों पर निर्भर करेगा।
इसी बीच, बद्रीनाथ मंदिर में दान की चोरी के आरोपों पर समिति की शुरुआती प्रतिक्रिया से संतुष्ट न होकर उत्तराखंड सरकार ने मंगलवार शाम को मामले की स्वतंत्र जांच के लिए तीन सदस्यों वाली एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने बीकेटीसी चेयरमैन के कार्यालय में तैनात निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को भी तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।
