नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिज़ाज तेजी से बदल रहा है। लगातार गिरते न्यूनतम तापमान और हवा की रफ्तार धीमी होने के कारण इलाके में प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ने लगा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में ठंड बढ़ने के साथ ही तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी और 27 अक्टूबर तक न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
खराब होती हवा और बढ़ता प्रदूषण
हालाँकि प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए ग्रेप (GRAP – ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) का पहला चरण लागू किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद हवा की गुणवत्ता में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। दिल्ली के कई इलाकों में हवा लगातार जहरीली बनी हुई है:
-
दिल्ली: डीपीसीसी के आंकड़ों के अनुसार, चांदनी चौक में एक्यूआई (AQI) 306 तक पहुंच गया है, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। इसके अलावा बवाना में 274, आनंद विहार में 236, अशोक विहार में 223 और आया नगर में 214 एक्यूआई दर्ज किया गया है। हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 के स्तर में भी भारी उछाल देखा जा रहा है।
-
नोएडा: यहाँ भी हवा की स्थिति बेहद चिंताजनक है। सेक्टर-62 में एक्यूआई 337 दर्ज किया गया है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी की ओर बढ़ रहा है। वहीं सेक्टर-1 में 258 और सेक्टर-125 में 254 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया है।
-
गाजियाबाद: वसुंधरा में एक्यूआई 316 और इंदिरापुरम में 312 दर्ज किया गया है, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। संजय नगर में भी एक्यूआई 295 के करीब बना हुआ है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी
तापमान में गिरावट और हवा की गति सुस्त होने के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण की निचली सतह पर जमा हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस बढ़ते प्रदूषण के चलते सांस संबंधी समस्याएं, आंखों में जलन और गले में संक्रमण जैसी परेशानियां तेजी से बढ़ सकती हैं। लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलते समय एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है।
