लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दो दिवसीय अयोध्या दौरे ने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। अयोध्या में आयोजित एक भागवत कथा में शामिल होने और संतों का आशीर्वाद लेने पहुंचे अखिलेश यादव ने जनसभा के दौरान सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर जोरदार हमला बोला।
1. सीएम योगी को चुनावी मैदान में उतरने की ललकार
सपा प्रमुख ने बीजेपी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी के पास अयोध्या जैसी महत्वपूर्ण सीट से चुनाव लड़ाने के लिए कोई मजबूत उम्मीदवार तक नहीं है। उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनौती देते हुए कहा कि यदि बीजेपी और मुख्यमंत्री में हिम्मत है, तो वे खुद अयोध्या से चुनाव मैदान में उतरकर देखें। अखिलेश ने दावा किया कि इस बार अयोध्या की जनता सच्चाई सबके सामने ले आएगी।
2. भागवत कथा और ‘पीडीए’ का संदेश
धार्मिक कार्यक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भागवत कथा सत्ता, जाति और छुआछूत जैसे भेदभाव से दूर रहना सिखाती है। भगवान राम और कृष्ण के आदर्शों को याद दिलाते हुए अखिलेश ने कहा कि शासन की पहली कसौटी इंसानियत है। उन्होंने भगवान कृष्ण और सुदामा की मित्रता का उदाहरण देते हुए इसे ‘पीडीए’ (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) और सामाजिक न्याय की प्रेरणा बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि सत्ता का सुदर्शन चक्र जनता को डराने के लिए नहीं, बल्कि सज्जनों की रक्षा के लिए होना चाहिए।
3. प्रमुख चुनावी वादे
अयोध्या के विकास और जनता को साधते हुए सपा अध्यक्ष ने कई बड़े ऐलान किए:
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महिलाओं को आर्थिक मदद: राज्य में सपा सरकार बनने पर महिलाओं को हर साल ₹40,000 की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
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बुलडोजर कार्रवाई पर रोक: उन्होंने आश्वासन दिया कि सपा के शासनकाल में किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा और किसी के मकान या दुकान पर बुलडोजर नहीं चलाया जाएगा।
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अयोध्या का विकास: अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक भव्य पहचान दिलाने के लिए विकास कार्यों को नई गति देने का वादा किया।
