हिंगोली/नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर से सिटिज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के नेताओं की हिरासत के बाद, संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर तिरंगा फहराना कब से नियम का उल्लंघन हो गया है।
मुख्य बातें:
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तिरंगा फहराने पर विवाद: अभिजीत दिपके ने बताया कि आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे के नेतृत्व में उनकी टीम ने जंतर-मंतर पर जाकर तिरंगा लहराया था। उन्होंने कहा कि जो लोग जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने को उल्लंघन मानते हैं, वे देशद्रोही हैं।
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गिरफ्तारी के खिलाफ कड़ा रुख: दिपके ने नेताओं की हिरासत की निंदा करते हुए कहा कि जंतर-मंतर देश की प्रॉपर्टी है और जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक वहां तिरंगा लहराया जाता रहेगा।
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पुलिस की कार्रवाई: दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली में हुए प्रदर्शन और बीएनएसएस (BNSS) की धारा 163 के उल्लंघन के आरोप में कनॉट प्लेस व आसपास के थानों में कई एफआईआर दर्ज की हैं और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है।
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हिरासत से वीडियो: हिरासत में लिए गए सौरव दास और आशुतोष रांका ने पुलिस बस से एक वीडियो जारी किया है, जिसमें वे ‘भारत माता की जय’ और ‘जय भीम’ के नारे लगाते नजर आए। इस दौरान सौरव दास के पास संविधान की प्रति भी दिखाई दी।
