नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और सामाजिक कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने हिरासत के दौरान दिल्ली पुलिस के रवैये पर कड़ा ऐतराज जताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। हालिया प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और हिरासत को लेकर उन्होंने कहा कि उनके बुनियादी/मौलिक अधिकारों का सरेआम हनन किया गया है।
⚖️ हिरासत और मानसिक उत्पीड़न का आरोप
अपनी रिहाई के बाद मीडिया और सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए अभिजीत दिपके ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने हिरासत के दौरान उनके और उनके परिवार के साथ अत्यंत संवेदनहीन व्यवहार किया।
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संपर्क करने से रोकने का दावा: दिपके ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उन्हें अपने परिवार या वकीलों से बात करने और फोन का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी गई। उन्हें किस थाने या जगह पर रखा गया है, इसकी कोई सटीक जानकारी भी नहीं दी गई।
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मानसिक प्रताड़ना: उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने देर रात और तड़के उनके परिवार को तनाव में डालने के उद्देश्य से कागजों पर दस्तखत करवाने का दबाव बनाया, जो मानसिक उत्पीड़न की श्रेणी में आता है।
📹 ‘आधा-अधूरा नहीं, पूरा वीडियो जारी करे पुलिस’
दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत के समय का एक वीडियो जारी किए जाने के बाद अभिजीत दिपके ने पुलिस को खुली चुनौती दी है:
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सच्चाई छिपाने का आरोप: दिपके ने कहा कि पुलिस जनता के सामने अपनी छवि सुधारने के लिए चुनिंदा और काट-छांट (अधूरी) की गई वीडियो क्लिप्स दिखा रही है।
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पूर्ण वीडियो की मांग: उन्होंने मांग की कि यदि दिल्ली पुलिस में सच्चाई और पारदर्शिता है, तो वह एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए जाने से लेकर थाने में रखने और बातचीत तक का पूरा अनकट (UNCUT) वीडियो सार्वजनिक करे, ताकि देश की जनता के सामने पूरी सच्चाई आ सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पुलिस की इन कार्रवाइयों और मानसिक दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं और संवैधानिक अधिकारों तथा लोकतांत्रिक मुद्दों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
