लखनऊ: 13 जुलाई, 2026उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद एवं पशुपालन विभाग, उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में कृत्रिम गर्भाधान एवं टीकाकरण जागरूकता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन सोमवार को मालवीय हाल, लखनऊ विश्वविद्यालय में किया गया। कार्यशाला में पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान की आधुनिक तकनीकों, सेक्स्ड सीमेन के उपयोग, टीकाकरण की गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता, वैक्सीन तथा सीमेन स्ट्रॉ की कोल्ड चेन व्यवस्था और भारत पशुधन एप के प्रभावी उपयोग सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत चर्चा की गयी। कार्यशाला में देशभर के विषय-विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, पशु चिकित्साविदों तथा पशुपालन क्षेत्र से जुड़े स्टेक होल्डर द्वारा प्रतिभाग किया गया ।

अपर मुख्य सचिव, पशुधन एवं दुग्ध विकास श्री मुकेश कुमार मेश्राम द्वारा कार्यशाला को संबोधित करते हुए पशु स्वास्थ्य, पशु प्रजनन, टीकाकरण व कृत्रिम गर्भाधान के डिजिटल अभिलेखीकरण, टीकाकरण की माइक्रो प्लानिंग के महत्त्व के बारे में बताया गया। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य पशुधन में कृत्रिम गर्भाधान एवं टीकाकरण के आच्छादन में गुणात्मक एवं संरचनात्मक सुधार लाना है। पशु प्रजनन एवं पशु स्वास्थ्य पर अद्यतन जानकारियाँ देते हुए पशु उत्पादकता को बढ़ाना है ताकि पशुपालकों की आय में वृद्धि हो तथा विभाग द्वारा प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने में योगदान दिया जा सके।उन्हांेने कहा कि कार्यशाला के तकनीकी सत्र में वर्गीकृत वीर्य (सेक्सड सीमेन) द्वारा कृत्रिम गर्भाधान, डिजिटल अभिलेखीकरण द्वारा पारदर्शी अनुश्रवण, टीकाकरण की गुणवत्ता, सीरो सर्विलांस पर विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही जानकारी का लाभ उठाया जाये और इसका उपयोग पशुधन के स्वास्थ्य
