अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ आगामी बैठक को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि परमाणु निरस्त्रीकरण (Nuclear Disarmament) के मुद्दे पर चीनी राष्ट्रपति के साथ होने वाली बैठक उनकी सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में से एक हो सकती है।
इस खबर से जुड़े मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
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परमाणु मुद्दों पर चर्चा: वाशिंगटन के पास पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने स्पष्ट किया कि चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों के अलावा परमाणु हथियारों के खात्मे (डिनेक्लिराइजेशन) पर एक विशेष बैठक पहले से तय है।
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चीन की परमाणु क्षमता पर टिप्पणी: ट्रंप ने कहा कि हालांकि चीन अभी परमाणु हथियारों के मामले में काफी पीछे है, लेकिन अगले पांच वर्षों में वह अमेरिका और रूस की बराबरी कर लेगा।
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रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान पर रुख: इस दौरान ट्रंप ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर प्रगति होने की बात कही। साथ ही, ईरान के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि वे समझौता करना चाहते हैं लेकिन टालमटोल कर रहे हैं, जिससे उन्हें कोई फायदा नहीं होगा।
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व्यापारिक आदेश पर हस्ताक्षर: इसके अलावा, ट्रंप प्रशासन ने रणनीतिक क्षेत्रों जैसे रोबोटिक्स और औद्योगिक मशीनरी के आयात से जुड़े ‘ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट’ की धारा 232 के तहत एक नए आदेश पर भी हस्ताक्षर किए हैं, जिसका असर भारत समेत दुनिया भर के निर्यातकों पर पड़ सकता है।
