इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के परिवारों से जुड़ा एक बहुत ही महत्वपूर्ण और राहत भरा फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि मृतक सरकारी कर्मचारी की अविवाहित बहन (Unmarried Sister) भी पारिवारिक पेंशन पाने की हकदार है।
इस महत्वपूर्ण फैसले से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
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सरकारी आदेशों से सेवा नियमों में बदलाव नहीं: कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत बनाए गए वैधानिक सेवा नियमों को किसी सामान्य शासनादेश (Government Order) के जरिए बदला या निष्प्रभावी नहीं किया जा सकता।
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खारिज हुआ याचिका का विरोध: अदालत ने पेंशन दावे को खारिज करने वाले आदेश को दरकिनार करते हुए संबंधित विभाग को निर्देश दिया है।
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बकाया भुगतान और ब्याज के निर्देश: कोर्ट ने कर्मचारी की मृत्यु की तिथि से लेकर अब तक के सभी बकाए पारिवारिक पेंशन का भुगतान 6% वार्षिक ब्याज के साथ तुरंत सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।
न्यायालय के इस निर्णय से उन तमाम अविवाहित बहनों को बड़ी कानूनी राहत मिली है जो अपने दिवंगत भाई-बहन की सरकारी सेवा के बाद परिवारिक पेंशन के अधिकारों से वंचित थीं।
