लखनऊ: उत्तर प्रदेश के आगामी सियासी समीकरणों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे (सीट-शेयरिंग) को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि कांग्रेस सीट-शेयरिंग की आड़ में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को कमजोर और खत्म करना चाहती है।
राजभर का कांग्रेस पर तंज
अंबेडकरनगर में मीडिया से बातचीत करते हुए ओम प्रकाश राजभर ने कहा, “कांग्रेस की मंशा है कि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश से पूरी तरह खत्म हो जाए। जिस तरह कांग्रेस ने अन्य राज्यों में क्षेत्रीय दलों को कमजोर करने की कोशिश की है, वैसा ही खेल वह यूपी में भी सपा के साथ खेलना चाहती है।”
राजभर के मुताबिक, कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी को 172 सीटों की एक लंबी सूची सौंपी है, लेकिन सपा इतनी बड़ी संख्या में सीटें देने के मूड में नहीं है। यदि कांग्रेस अपनी इस मांग पर अड़ी रही, तो आने वाले समय में दोनों दलों के बीच गठबंधन होना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता जल्दबाजी में हैं ताकि अक्टूबर तक सीटें फाइनल हो जाएं, जबकि अखिलेश यादव चरणबद्ध तरीके से सीटों का फैसला करना चाहते हैं।
सपा का पलटवार: ‘राजभर को पहले अपना घर देखना चाहिए’
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी ने ओम प्रकाश राजभर के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सपा के मुख्य प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने गठबंधन पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन बिल्कुल तय है और इस पर किसी भी तरह के संशय की कोई गुंजाइश नहीं है।
राजभर पर पलटवार करते हुए सपा प्रवक्ता ने कहा, “बीजेपी ओम प्रकाश राजभर को गठबंधन में सिर्फ दो सीटें दे रही है। इतनी राजनीति और भाजपा का गुणगान करने के बाद भी यदि उन्हें केवल दो सीटें मिल रही हैं, तो उन्हें दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले अपना घर संभालना चाहिए।” उन्होंने दावा किया कि विपक्षी गठबंधन पूरी मजबूती के साथ आगामी चुनाव में उतरेगा और भाजपा तथा उसके सहयोगियों को करारी शिकस्त देगा।
