वाशिंगटन: मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते तनाव और हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों को देखते हुए अमेरिका ने बड़ा कदम उठाया है। अमेरिका ने सऊदी अरब में तैनात अपने उन सरकारी कर्मचारियों (जो आपातकालीन सेवाओं से नहीं जुड़े हैं) और उनके परिवारों को तुरंत देश वापस लौटने का आदेश दिया है।
क्यों उठाया गया यह कदम?
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने इस आदेश की पुष्टि करते हुए बताया कि हाल ही में नागरिक हवाई अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले किए जा रहे हैं। इन हमलों की वजह से आम नागरिकों की जान गई है और हवाई यात्राएं तथा परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।
प्रवक्ता ने यह भी चेतावनी दी है कि यह संघर्ष और तेजी से बढ़ सकता है तथा इसका दायरा क्षेत्र से बाहर तक फैल सकता है। हालांकि, इस आदेश में सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी दूतावास को पूरी तरह बंद करने या निजी अमेरिकी नागरिकों को निकालने जैसी कोई बात नहीं कही गई है, लेकिन सरकारी कर्मियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है।
विमान सेवाओं पर असर
अमेरिकी मिशन द्वारा जारी सुरक्षा चेतावनियों के अनुसार, हालिया हमलों के चलते रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कामकाज अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। इसके अलावा जेद्दा और दम्माम के हवाई अड्डों पर भी उड़ानों में देरी हो रही है और कई उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं। सुरक्षा कारणों से अब अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को सऊदी अरब के किसी भी हवाई अड्डे का उपयोग करने के लिए विशेष अनुमति लेनी होगी।
