गलत खान-पान बिगाड़ रहा है सेहत? ‘पवनमुक्तासन’ से पाएं पेट की समस्याओं से तुरंत राहत

हेल्थ

नई दिल्ली: आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, गलत खान-पान और घंटों एक ही जगह बैठकर काम करने की आदत की वजह से पेट संबंधी समस्याएं आम हो गई हैं। अपच, गैस और कब्ज जैसी परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए योग में ‘पवनमुक्तासन’ को बेहद सरल और असरदार उपाय माना गया है। यह आसन न सिर्फ शरीर में मौजूद दूषित वायु (गैस) को बाहर निकालता है, बल्कि पाचन तंत्र को मजबूत कर मन को भी शांति प्रदान करता है।

क्या है पवनमुक्तासन?

पवनमुक्तासन संस्कृत के तीन शब्दों से मिलकर बना है—’पवन’ यानी हवा, ‘मुक्त’ यानी छोड़ना, और ‘आसन’ यानी योग मुद्रा। इसका सीधा मतलब है—वह योगासन जो शरीर से गैस या अपच को बाहर निकालने में मदद करता है। अंग्रेजी में इसे ‘वाइंड रिलिजिंग पोज’ (Wind Relieving Pose) भी कहा जाता है।

स्वास्थ्य के लिए इसके बड़े फायदे:

  1. पाचन तंत्र में सुधार: आयुष मंत्रालय के अनुसार, पवनमुक्तासन वात दोष को शांत करता है और पेट पर आंतरिक दबाव डालकर पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है।

  2. मांसपेशियों को मजबूती: यह आसन पेट, कमर और पेल्विक क्षेत्र की कोर मसल्स को टोन करता है, जिससे शरीर का संतुलन सुधरता है और थकान कम होती है।

  3. महिलाओं के लिए विशेष फायदेमंद: पेल्विक हिस्से की ताकत बढ़ाने के कारण यह आसन महिलाओं में मासिक धर्म (पीरियड्स) से जुड़ी परेशानियों को कम करने में भी मददगार साबित हो सकता है।

सावधानियां:

पवनमुक्तासन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है, लेकिन कुछ स्थितियों में इसे करने से बचना चाहिए:

  • पेट, कमर या रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट या सर्जरी होने पर यह आसन न करें।

  • गर्भवती महिलाओं को इस योगासन से परहेज करना चाहिए।

  • उच्च रक्तचाप (High BP) या हर्निया के रोगियों को इसे करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

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