केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘पुलिस स्मृति दिवस’ के अवसर पर चाणक्यपुरी स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर देश के वीर जवानों को नमन करते हुए एक बड़ा संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंने आंतरिक सुरक्षा से लेकर देश की आगामी प्राथमिकताओं पर खुलकर बात की।
संबोधन से जुड़ी मुख्य बातें:
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पश्चिम बंगाल चुनाव पर बयान: अमित शाह ने कहा कि लंबे समय से पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनावों में बड़े पैमाने पर हिंसा और लोगों की जान जाने की खबरें सामने आती थीं। लेकिन, इस बार सीएपीएफ (CAPF) के जवानों और सुरक्षा बलों की बदौलत पश्चिम बंगाल में पहली बार बिना किसी व्यक्ति की मृत्यु के शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न कराना एक बहुत बड़ी सफलता और नया मानदंड है।
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आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर सफलता: गृह मंत्री ने बताया कि देश के तीन प्रमुख संवेदनशील हॉटस्पॉट—कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों—में आज आतंकवाद और उग्रवाद पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है। उन्होंने इसके लिए सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन और छत्तीसगढ़ पुलिस के शौर्य व बलिदान की सराहना की।
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नशे के खिलाफ नई जंग (31 दिसंबर 2029 का लक्ष्य): गृह मंत्री ने देश के सामने मौजूद अगली बड़ी चुनौती का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने 31 दिसंबर 2029 तक देश को नशे की समस्या से पूरी तरह मुक्त करने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि नशा हमारी आने वाली पीढ़ियों को खोखला कर रहा है और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है।
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पुलिस सेवा की सराहना: अमित शाह ने देश के पुलिसकर्मियों के समर्पण की तारीफ करते हुए कहा कि त्योहारों के समय जब आम नागरिक अपने परिवारों के साथ खुशियां मनाते हैं, तब पुलिस बल के जवान देश की रक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चौबीसों घंटे मुस्तैद रहते हैं।
