नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने घरेलू बाजार और अंतरराष्ट्रीय कीमतों के तालमेल को ध्यान में रखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात कर (Windfall Tax) में संशोधन किया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में बढ़ोतरी की गई है, जबकि डीजल के निर्यात शुल्क में बड़ी कटौती की गई है। संशोधित दरें आज से प्रभावी हो गई हैं।
नई दरें और बदलाव
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पेट्रोल: पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाला शुल्क 0.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 2.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
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डीजल: डीजल निर्यात पर लगने वाले शुल्क में राहत देते हुए इसे 16 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 8.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
पखवाड़ा समीक्षा के आधार पर फैसला
सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों और पेट्रोलियम उत्पादों के उतार-चढ़ाव को देखते हुए हर पखवाड़े (15 दिनों में) इन दरों की समीक्षा करती है और जरूरत के मुताबिक बदलाव करती है।
गौरतलब है कि जुलाई 2022 में वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में आए उछाल और रिफाइनिंग कंपनियों के असाधारण मुनाफे को संतुलित करने के लिए सरकार ने पहली बार विंडफॉल टैक्स व्यवस्था लागू की थी, जिसके तहत भू-राजनीतिक तनाव और बाजार की स्थितियों के आधार पर यह कर समय-समय पर संशोधित किया जाता है।
