पाकिस्तान के पेशावर से एक बहुत ही दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के अफरीदी आबाद इलाके में स्थित ‘अल खैर स्कूल’ की छत अचानक ढह जाने से एक बड़ा हादसा हो गया। इस भीषण दुर्घटना में 20 मासूम छात्र-छात्राओं (उम्र 7 से 12 वर्ष) और एक शिक्षिका समेत कुल 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस हादसे ने पूरे देश में शोक की लहर पैदा कर दी है।
अस्पताल में इमरजेंसी घोषित, कई बच्चे गंभीर रूप से घायल
लेडी रीडिंग अस्पताल के प्रवक्ता मुहम्मद आसिम ने मीडिया को जानकारी दी कि इस हादसे में 21 अन्य लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें से 5 की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां गंभीर स्थिति को देखते हुए अस्पताल में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। अधिकांश मृतक बच्चे 13 साल से कम उम्र के थे।
मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी
घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गया। स्थानीय प्रशासन और बचाव कर्मियों द्वारा मलबे को हटाने का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मलबे के नीचे कोई अन्य छात्र या स्टाफ सदस्य तो नहीं फंसा है।
सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल
इस মর্মান্তिक दुर्घटना के बाद एक बार फिर पाकिस्तान में स्कूल इमारतों की जर्जर हालत और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन और खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर ने इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है, जबकि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस बहुमूल्य जान गंवाने की घटना पर गहरा दुख जताया है और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
