लखनऊ: शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए नारी सुरक्षा और सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य मातृशक्ति का उत्थान करना है, क्योंकि महिलाओं के सुरक्षित और आत्मनिर्भर हुए बिना एक विकसित उत्तर प्रदेश की कल्पना नहीं की जा सकती।
🛡️ मातृशक्ति की सुरक्षा और स्वावलंबन पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि आदिशक्ति की असली आराधना तभी पूर्ण मानी जाएगी, जब समाज की हर मातृशक्ति सुरक्षित, सम्मानित और स्वावलंबी बनेगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण ही ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प की सिद्धि का मुख्य मार्ग है।
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सज्जनता और शक्ति का संदेश: सीएम योगी ने कहा कि नवरात्र का पर्व हमें यह सिखाता है कि सज्जनता तभी प्रभावी होती है, जब उसके पास शक्ति और संकल्प का सामर्थ्य हो। समाज में नकारात्मकता और अहंकार से मुकाबला करने के लिए यह चेतना बेहद जरूरी है।
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संकल्प लेने की अपील: मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे इस पावन पर्व पर पूजा-पाठ के साथ-साथ बालिकाओं की शिक्षा, महिलाओं के उत्थान और उनके स्वावलंबन के लिए सामूहिक योगदान देने का संकल्प लें।
🏛️ उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा की दिशा में कदम
सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए निरंतर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं:
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पुलिस बल में भागीदारी: यूपी पुलिस में 44 हजार से अधिक महिलाएं अपनी सेवाएं दे रही हैं और पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।
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महिला पीएसी बटालियन: प्रदेश की महान वीरांगनाओं—उदा देवी पासी, झलकारी बाई और रानी अवंतीबाई लोधी के नाम पर तीन महिला पीएसी बटालियन का गठन किया गया है, जो नारी शक्ति के बढ़ते कदमों को मजबूत करती हैं।
