प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ को संबोधित करते हुए देश के भविष्य और क्षमता पर अटूट भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि भारत के सामने चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन देश के पास 140 करोड़ समाधान भी मौजूद हैं।
संबोधन के मुख्य बिंदु:
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भारतीय विमानन और ‘मेड इन इंडिया’: प्रधानमंत्री ने कहा, “आज दुनिया भारत के पायलटों के कौशल और साहस की बात कर रही है। वह दिन दूर नहीं जब दुनिया भारत में बने ‘मेड इन इंडिया’ विमानों की बात करेगी।” उन्होंने जोर देकर कहा कि यह लक्ष्य दूरदर्शी नीतियों और निरंतर मेहनत के दम पर हासिल किया जाएगा।
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असाधारण और महत्वाकांक्षी लक्ष्य: पीएम मोदी ने देशवासियों से बड़े लक्ष्य तय करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करना, गरीबी से पूरी तरह मुक्त करना और शिक्षा, तकनीक, खेल, स्वास्थ्य व इनोवेशन जैसे हर क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व देना ही देश का उद्देश्य होना चाहिए।
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2047 तक विकसित भारत का संकल्प: प्रधानमंत्री ने कहा कि 100 साल पहले भारत की आबादी 40 करोड़ से कम थी, लेकिन आज 140 करोड़ से अधिक देशवासी एकजुट होकर 2047 तक ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करेंगे।
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गरीबी उन्मूलन में ऐतिहासिक सफलता: पीएम मोदी ने पिछले दशक की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि कभी जो बात असंभव लगती थी, वह सच हो चुकी है। बीते 10 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं, जो 140 करोड़ भारतीयों की क्षमता का जीवंत प्रमाण है।
स्वामी विवेकानंद और महर्षि अरबिंदो का उल्लेख
संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को याद करते हुए कहा कि एक दिन महान और गौरवशाली भारत का उदय होना निश्चित है। उन्होंने कहा कि आज भारत के पास अपने सपनों को पूरा करने का सामर्थ्य और आजादी दोनों है, और देश खुद अपनी नियति का निर्माता बन चुका है।
