नेपाल और सीमावर्ती इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बिहार में गंडक नदी उफान पर आ गई है। बगहा गेज स्थल पर गंडक का जलस्तर 91.25 मीटर के अब तक के उच्चतम स्तर (HFL) पर पहुंच गया है, जिसने वर्ष 2024 के 90.90 मीटर के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। पानी के प्रचंड दबाव के कारण तीन अलग-अलग स्थानों पर तटबंध टूट गए हैं, जिससे आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
घटनाक्रम और मुख्य बिंदु:
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रिकॉर्ड जलस्तर: बगहा में नदी का जलस्तर पिछले रिकॉर्ड से 0.35 मीटर (35 सेंटीमीटर) ऊपर दर्ज किया गया है।
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3 स्थानों पर तटबंधों को नुकसान:
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पश्चिम चंपारण (बगहा-1): खैरतवा गांव के पास चंपारण तटबंध क्षतिग्रस्त हुआ है।
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पश्चिम चंपारण (बैरिया): फुलियाखाड़ गांव में चंपारण तटबंध को नुकसान पहुंचा है।
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उत्तर प्रदेश (कुशीनगर): गंडक नदी के दाएं तटबंध का एक हिस्सा टूटा है।
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169 जगहों पर सीपेज: पानी के भारी रिसाव (सीपेज और पाइपिंग) की वजह से करीब 169 संवेदनशील स्थानों पर तत्काल मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित किया गया है।
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हाई अलर्ट पर प्रशासन: जल संसाधन विभाग के मुख्यालय ने पटना से विशेष टीमों को बगहा, बेतिया, मोतिहारी और गोपालगंज रवाना कर दिया है।
प्रभावित होने वाले निचले इलाके:
गंडक नदी में आया यह उफान अब निचले प्रवाह वाले जिलों यानी पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली की ओर बढ़ रहा है, जहाँ तटवर्ती बस्तियों को अलर्ट पर रखा गया है।
