बांग्लादेशी PM तारिक रहमान का भारत दौरा अटका, तारीख तय नहीं: जानें क्या हैं मुख्य वजहें

देश विदेश

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की संभावित भारत यात्रा पर फिलहाल अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं और दोनों देशों के बीच दौरा आयोजित करने को लेकर तारीखों पर सहमति नहीं बन सकी है।

हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन का निमंत्रण बांग्लादेश द्वारा स्वीकार न किए जाने के बाद से दोनों देशों के संबंधों में दूरी साफ देखी जा रही है।

यात्रा में देरी और अड़चनों के प्रमुख कारण

  1. ढाका की शर्तें और नई दिल्ली की नाराजगी

    सूत्रों के अनुसार, द्विपक्षीय दौरे की तारीखों पर फिलहाल कोई ठोस बातचीत नहीं हो रही है। बांग्लादेश की ओर से भारत दौरे के लिए रखी गई शर्तों—खासकर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण और दौरे के लिए “अनुकूल माहौल” बनाने की मांग—पर भारत ने नाराजगी जताई है।

  2. बांग्लादेश के विदेश मंत्री की व्यस्तता

    बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) अध्यक्ष के रूप में अक्टूबर के मध्य तक न्यूयॉर्क में रहेंगे। विदेश मंत्री की गैर-मौजूदगी में इतना महत्वपूर्ण द्विपक्षीय दौरा होना संभव नहीं माना जा रहा।

  3. भारत का कूटनीतिक व्यस्त शेड्यूल

    • अक्टूबर: स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय परमेलिन और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क का भारत दौरा प्रस्तावित है।

    • नवंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 से 18 नवंबर तक फिलीपींस में आसियान (ASEAN) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

    • दिसंबर: पीएम मोदी का मध्य दिसंबर में अमेरिका, कनाडा और बेल्जियम का दौरा तय है।

      ऐसे में दोनों पक्षों के पास इस यात्रा के लिए केवल नवंबर में बेहद सीमित समय उपलब्ध है।

किन अहम मुद्दों पर अटका है पेच?

  • गंगा जल समझौता (Ganga Water Treaty): यह ऐतिहासिक संधि दिसंबर 2026 में समाप्त हो रही है, लेकिन इसके रिन्यूअल की शर्तों पर अब तक कोई सहमति नहीं बन पाई है।

  • व्यापार और ट्रांजिट सीमाएं: स्थल सीमाओं के जरिए व्यापारिक पाबंदियां हटाने और भारतीय बंदरगाहों के इस्तेमाल से जुड़े मुद्दे अभी अधर में लटके हैं।

भारत का रुख: भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि भारत बांग्लादेश के साथ एक “सकारात्मक, रचनात्मक और आगे की ओर देखने वाला” रिश्ता चाहता है और स्थापित तंत्रों के तहत सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।

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