ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड: यात्रियों ने पहले ही दी थी बदबू आने की चेतावनी, स्टाफ की घोर लापरवाही से गई 9 की जान
यमुना एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से आगरा जा रही एक निजी स्लीपर बस (राज कल्पना ट्रैवल्स) में आग लगने से 9 यात्रियों की झुलसकर मौत हो गई और कई गंभीर रूप से घायल हो गए । इस भीषण हादसे के बाद पुलिस ने पीड़ित यात्री की शिकायत पर बस के ड्राइवर और कंडक्टर के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है ।
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पहले से आ रही थी जलने की बदबू: पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, यमुना एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 33 के पास पहुंचने पर बस के केबिन की तरफ से कुछ जलने की तेज बदबू आने लगी थी |
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स्टाफ ने चेतावनियों को किया नजरअंदाज: यात्रियों का आरोप है कि उन्होंने तुरंत ड्राइवर और कंडक्टर को किसी चीज के जलने की सूचना दी, लेकिन ड्राइवर ने इसे सामान्य बात कहकर टाल दिया और बस की जांच के लिए गाड़ी नहीं रोकी ।
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केबिन में बीड़ी-सिगरेट पीने का आरोप: शिकायतकर्ता का दावा है कि चेतावनी के बावजूद चालक-परिचालक अपने केबिन में बीड़ी-सिगरेट पीते रहे और स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया ।
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अचानक भड़कीं लपटें: कुछ ही देर में ड्राइवर सीट के पास से भीषण आग की लपटें निकलने लगीं और पूरी बस धुएं से भर गई । यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई ।
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चीख-पुकार और बचाव: बदहवास यात्रियों ने किसी तरह खिड़कियों और दरवाजों से बाहर कूदकर जान बचाई, जबकि कई लोग अंदर ही फंस गए । घायलों को इलाज के लिए जेवर के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है ।
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पुलिस कार्रवाई: पुलिस ने घोर लापरवाही और आपराधिक कृत्य की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है । बस की तकनीकी स्थिति और चालक-परिचालक की भूमिका की जांच की जा रही है ।
