समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा आगामी चुनावों, निर्वाचन आयोग और सरकार पर उठाए गए सवालों के बाद भाजपा नेताओं ने उन पर तीखा हमला बोला है ।
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लोकतंत्र में जनादेश का सम्मान जरूरी: कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने अखिलेश यादव के “2027 चुनाव को आखिरी चुनाव” बताए जाने पर प्रतिक्रिया दी उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव का कोई अंत नहीं होता। जो लोग जनता का विश्वास और जनादेश हासिल नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें लोकतंत्र का अपमान करने का कोई हक नहीं है । उन्होंने सपा शासनकाल के दंगों और बेरोजगारी के दौर की याद दिलाते हुए कहा कि आज की जनता शांति, सुरक्षा और विकास चाहती है
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संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना सपा का स्वभाव: मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि लगातार मिल रही हार से बौखलाकर सपा चुनाव आयोग, पुलिस और संविधान जैसी निष्पक्ष संस्थाओं पर सवाल उठाती है । उन्होंने कहा कि नौकरियों और चयन प्रक्रिया में योग्यता को प्राथमिकता दी जाती है, न कि जाति को
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“एसी कमरों में बैठकर भ्रम फैलाना सपा का काम”: मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने निशाना साधते हुए कहा कि सपा नेताओं को एसी कमरों में बैठकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने और झूठे आंकड़े पेश करने की आदत हो गई है। उन्होंने सपा से अपने 2012-2017 के कार्यकाल के अपराधों और दंगों के आंकड़े जारी करने को कहा
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कल्याणकारी योजनाओं का लाभ: दानिश आजाद ने दावा किया कि योगी सरकार में पिछड़े, दलित और पसमांदा समाज को मेडिकल सुविधाओं, स्कॉलरशिप और अन्य योजनाओं का सीधा लाभ धरातल पर मिल रहा है ।
