लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास अपनी कोई उपलब्धि बताने के लिए नहीं है और वह नफरत की राजनीति के जरिए समाज का बंटवारा कर रही है।
वीडियो शेयर करने पर FIR का मुद्दा: अखिलेश यादव ने अजय सेठ से जुड़े वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि केवल वीडियो साझा करने पर मुकदमा दर्ज कराया गया। तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “भाजपा वाले कुछ भी कर सकते हैं, आने वाले समय में जो वीडियो देखेगा उस पर भी एफआईआर हो जाएगी।” उन्होंने श्रावस्ती में पूर्व विधायक पर दर्ज हुई एफआईआर और बलरामपुर के जगराम पासवान मामले को भी उठाया।
रायबरेली घटना और PDA पर अत्याचार: सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि रायबरेली में बच्चों के एक कार्यक्रम को भाजपा के लोगों ने नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों (PDA) पर अत्याचार हो रहा है और सरकार अपनों/स्वजातीय लोगों को बढ़ावा देने में लगी है।
छात्रसंघ चुनाव की मांग: अखिलेश यादव ने युवाओं और छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर देने के लिए उत्तर प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव फिर से कराए जाने की मांग की।
प्रशासनिक व्यवस्था और महंगाई: उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चौपट है और भ्रष्टाचार चरम पर है। महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती स्थिति पर ध्यान देने की जरूरत है।
PDA को एकजुट करने का संकल्प: अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के भविष्य और लोकतंत्र के हित में भाजपा को सत्ता से हटाना बेहद जरूरी है। इसके लिए समाजवादी पार्टी PDA समाज को एकजुट कर भाजपा का सफाया करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
